JAGDALPUR NEWS. संतान सुख की चाह में एक दंपति कथित तौर पर तंत्र-मंत्र और पूजा-पाठ के नाम पर बड़े ठगी के जाल में फंस गया। शिकायत के अनुसार, वर्ष 2015 से 2021 के बीच वन विभाग में पदस्थ एक वनरक्षक और उसकी पत्नी ने विशेष पूजा, झाड़-फूंक और चमत्कारी धार्मिक सामग्री का दावा कर दंपति से करीब डेढ़ करोड़ रुपये ले लिए। मामले की प्राथमिक जांच में आरोप गंभीर पाए जाने पर बस्तर एसपी को एफआईआर दर्ज करने की अनुशंसा की गई है, वहीं आरोपित वनरक्षक की चल-अचल संपत्तियों की जांच के भी निर्देश दिए गए हैं।

जानकारी के मुताबिक, दंपति की शादी वर्ष 2008 में हुई थी। लंबे समय तक संतान नहीं होने पर उन्होंने कई डॉक्टरों से इलाज कराया। जांच में महिला को पीसीओडी (PCOD) की समस्या होने की जानकारी मिली। इलाज के दौरान एक बार गर्भ ठहरा, लेकिन छह महीने बाद गर्भपात हो गया। इस घटना के बाद दंपति मानसिक रूप से टूट गया और इसी दौरान उनकी मुलाकात वन विभाग में पदस्थ वनरक्षक डूमर राम नायक और उसकी पत्नी शिखा नायक से हुई।

शिकायत में आरोप है कि दोनों ने विशेष पूजा, तंत्र-मंत्र, झाड़-फूंक और दुर्लभ धार्मिक सामग्री के माध्यम से संतान सुख दिलाने का भरोसा दिलाया। शुरुआत छोटी-छोटी पूजाओं से हुई, लेकिन बाद में हर कुछ दिनों में नई पूजा और नए खर्च का हवाला देकर पैसे मांगे जाने लगे। कभी दुर्लभ जड़ी-बूटियां, कभी ताबीज, कभी ताम्रपत्र और कभी भगवान शिव की जटाओं से गिरा हुआ बताकर रुद्राक्ष बेचने का दावा किया गया। दंपति ने विश्वास में आकर हर मांग पूरी की।

एफडी तुड़वाई, जमीन बेची, फिर भी नहीं रुकी पैसों की मांग
शिकायत के अनुसार, पूजा-पाठ के नाम पर लाखों रुपये लिए गए। एक विशेष पूजा के लिए 15 लाख रुपये और कथित चमत्कारी रुद्राक्ष के लिए एक लाख रुपये तक वसूले गए। आरोप है कि लगातार पैसों की मांग के चलते दंपति ने अपनी जमा पूंजी खर्च कर दी, एफडी तुड़वा दी और जमीन-जायदाद तक बेच दी। इस दौरान आरोपितों को कुल करीब डेढ़ करोड़ रुपये दिए गए।
दंपति का आरोप है कि उन्हें मानसिक रूप से भी इस तरह प्रभावित किया गया कि घर के चारों ओर जड़ी-बूटियां गाड़ दी गईं और डर पैदा किया गया कि पूजा बीच में छोड़ने पर परिवार पर बड़ा संकट आ जाएगा। इसी भय और विश्वास के कारण वे वर्षों तक इस कथित जाल में फंसे रहे।

बेटे के जन्म के बाद भी जारी रही कथित वसूली
साल 2017 में दंपति के घर बेटे का जन्म हुआ, जिससे उनका विश्वास और मजबूत हो गया। हालांकि बाद में पति-पत्नी के बीच विवाद होने पर आरोपितों ने कथित तौर पर दावा किया कि परिवार पर तंत्र किया गया है और संकट दूर करने के लिए फिर विशेष पूजा करानी होगी। इसके बाद भी पैसों की मांग जारी रही।
जब दंपति को अपने साथ ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने पूजा में इस्तेमाल सामान वापस लेने और रकम लौटाने की बात कही। शिकायत के अनुसार, आरोपितों ने यह कहकर इनकार कर दिया कि ताबीज और अन्य सामग्री नक्सलियों से ली गई थी, इसलिए वापस नहीं की जा सकती।

महिला आयोग की सुनवाई के बाद कार्रवाई तेज
मामला महिला आयोग की जनसुनवाई में पहुंचने पर आयोग की अध्यक्ष किरण मयी नायक ने शिकायत को गंभीरता से लिया। सुनवाई के दौरान वनरक्षक से कार खरीदने, मकान निर्माण और विभागीय अनुमति से जुड़े सवाल पूछे गए, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दंपति से लिए गए पैसों से मकान बनाया गया और वाहन खरीदे गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए बस्तर एसपी को आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की अनुशंसा की गई है। साथ ही एडीएम को वनरक्षक की चल-अचल संपत्तियों, वाहन खरीद, मकान निर्माण और विभागीय अनुमतियों की विस्तृत जांच कर एक महीने के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।





































