WASHINGTON NEWS. अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के साथ हुए शांति समझौते को लेकर उठ रहे विरोध के बीच इजरायल के कुछ नेताओं पर तीखा हमला बोला है। व्हाइट हाउस में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान वेंस ने कहा कि इजरायल अपनी हर राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौती का समाधान केवल सैन्य कार्रवाई और हिंसा के जरिए नहीं खोज सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही इस समय इजरायल के सबसे बड़े और प्रभावशाली सहयोगी हैं।

वेंस ने कहा कि यदि वह इजरायली कैबिनेट का हिस्सा होते तो दुनिया में बचे अपने सबसे शक्तिशाली सहयोगी पर हमला या अविश्वास जताने की गलती नहीं करते। उन्होंने इशारा किया कि इजरायल की सैन्य क्षमता का बड़ा हिस्सा अमेरिकी सहायता और अमेरिकी करदाताओं के पैसे से विकसित हुआ है। ऐसे में अमेरिका और ट्रंप प्रशासन को समस्या बताना वास्तविकता से दूर है।

अमेरिकी मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में वेंस ने इजरायल के सुरक्षा मंत्री Itamar Ben-Gvir और वित्त मंत्री Bezalel Smotrich की आलोचना की। उन्होंने कहा कि 90 लाख आबादी वाला देश हर सुरक्षा संकट का समाधान केवल बल प्रयोग से नहीं निकाल सकता। उनके मुताबिक, दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए कूटनीति और राजनीतिक समाधान भी उतने ही जरूरी हैं।

वेंस जिस समझौते का बचाव कर रहे हैं, उसे लेकर अमेरिका और इजरायल दोनों जगह सवाल उठाए जा रहे हैं। आलोचकों का आरोप है कि इस डील में ईरान के मिसाइल कार्यक्रम पर पर्याप्त नियंत्रण की व्यवस्था नहीं है और उसके परमाणु ढांचे को खत्म करने का कोई स्पष्ट प्रावधान भी नहीं किया गया है। यही वजह है कि इजरायल के कई नेता और अमेरिकी विपक्षी समूह इस समझौते को कमजोर मान रहे हैं।

ट्रंप ने भी युद्धविराम की अपील की
वेंस के बयान के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पश्चिम एशिया में तनाव कम करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों को संवाद जारी रखना चाहिए और क्षेत्र में व्यापक युद्ध की आशंका को टालना चाहिए। ट्रंप ने लेबनान, हिजबुल्लाह और इजरायल सहित सभी मोर्चों पर पूर्ण युद्धविराम की उम्मीद जताई।






































