LONDON NEWS. ब्रिटेन की राजनीति में सोमवार को बड़ा सियासी भूचाल आ गया। प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने अपने पद और लेबर पार्टी के नेता पद से इस्तीफा दे दिया। 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर राष्ट्र को संबोधित करते हुए स्टारमर ने कहा कि उनकी पार्टी अब यह नहीं मानती कि वे अगले आम चुनाव में नेतृत्व करने के लिए सबसे उपयुक्त व्यक्ति हैं, इसलिए उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया है।

स्टारमर के खिलाफ असंतोष लंबे समय से सुलग रहा था, जो आखिरकार खुली बगावत में बदल गया। लेबर पार्टी के 400 सांसदों में से 100 से अधिक सांसद उनके नेतृत्व के खिलाफ खड़े हो गए थे। बागी सांसदों ने साफ संदेश दिया था कि या तो स्टारमर तत्काल इस्तीफा दें या फिर पद छोड़ने की समयसीमा घोषित करें।
राजनीतिक संकट उस समय और गहरा गया जब स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग, रक्षा मंत्री जॉन हीली और मंत्री जेस फिलिप्स ने भी उनके नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए अपने पदों से इस्तीफा दे दिया।

7 साल में पांचवां प्रधानमंत्री बदला
ब्रिटेन में लगातार बढ़ती राजनीतिक अस्थिरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले सात वर्षों में कार्यकाल पूरा होने से पहले पद छोड़ने वाले स्टारमर पांचवें प्रधानमंत्री बन गए हैं। इससे पहले थेरेसा मे, बोरिस जॉनसन, लिज ट्रस और ऋषि सुनक भी बीच कार्यकाल में पद छोड़ चुके हैं।

17 जुलाई तक मिलेगा नया प्रधानमंत्री
स्टारमर ने अपने इस्तीफे की जानकारी किंग चार्ल्स तृतीय को भी दे दी है। हालांकि नए नेता के चयन तक वे कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभालते रहेंगे।
लेबर पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति (NEC) नए नेता के चुनाव की प्रक्रिया शुरू करेगी। इसके तहत 9 जुलाई से नामांकन शुरू होंगे और 17 जुलाई तक नए नेता के चयन का लक्ष्य रखा गया है।

बिना चुनाव कैसे चुना जाएगा नया पीएम?
ब्रिटेन की संसदीय व्यवस्था में जनता सीधे प्रधानमंत्री का चुनाव नहीं करती। मतदाता सांसद चुनते हैं और संसद में बहुमत वाली पार्टी का नेता ही प्रधानमंत्री बनता है। चूंकि लेबर पार्टी के पास बहुमत है, इसलिए पार्टी द्वारा चुना गया नया नेता ही ब्रिटेन का अगला प्रधानमंत्री बनेगा। इसके लिए नए आम चुनाव की जरूरत नहीं होगी।






































