उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में पुश्तैनी संपत्ति के विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। कोतवाली थाना क्षेत्र के भैरो खिड़की मोहल्ले में भतीजों ने अपने चाचा पर लोहे की रॉड और बाइक के शॉकर से कथित तौर पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में चाचा गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके दोनों हाथ और पैर टूट गए, जबकि सिर में गंभीर चोट आने के कारण 10 टांके लगाने पड़े। घायल को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। घटना 24 जून की बताई जा रही है, जबकि घटना का सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

पीड़ित धर्मेंद्र कुमार वर्मा के परिवार का आरोप है कि विवाद की जड़ पुश्तैनी संपत्ति का बंटवारा है। करीब 20 वर्ष पहले पिता की मृत्यु के बाद संपत्ति का बंटवारा हो गया था, लेकिन बड़े भाई राजेंद्र वर्मा कथित तौर पर धर्मेंद्र के हिस्से के मकान पर भी दावा कर रहे थे। इसी बात को लेकर दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था।

धर्मेंद्र की पत्नी सुलेखा का आरोप है कि 9 जून को आरोपियों ने घर पहुंचकर गाली-गलौज और अभद्रता की थी, जिसकी शिकायत उन्नाव गेट चौकी में की गई थी। इसके बाद 20 जून को दोबारा मारपीट और धमकी दी गई। जब स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई तो 22 जून को उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल (आईजीआरएस) पर शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि इसी शिकायत से नाराज होकर आरोपियों ने हमला किया।

परिजनों के मुताबिक, 24 जून को जब सुलेखा राशन लेने गई थीं, तभी राजेंद्र वर्मा, उनकी पत्नी मंजू देवी, बेटे विकास उर्फ विक्की, हरिश्चंद्र उर्फ कन्नू और रिश्तेदार आदर्श उर्फ निन्नी घर पहुंचे। आरोप है कि सभी ने धर्मेंद्र को घर के अंदर से घसीटकर बाहर निकाला और लात-घूंसों से मारपीट की। इसके बाद बाइक के अगले पहिए के शॉकर से लगातार कई वार किए। बीच-बचाव करने पहुंचीं धर्मेंद्र की बुजुर्ग मां को भी धक्का देकर गिरा दिया गया।

घटना का सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने शुक्रवार को आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। कोतवाली थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि मामला पुश्तैनी संपत्ति के विवाद से जुड़ा है। सभी नामजद आरोपी घटना के बाद से फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।






































