Appy Raja Passes Away कांकेर। छत्तीसगढ़ी रैपर चेतन चांडक उर्फ एप्पी राजा का रायपुर एम्स में निधन हो गया। लंबे समय से बीमार चल रहे एप्पी राजा के निधन से संगीत जगत और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर है।

संघर्षों से भरा रहा जीवन
एप्पी राजा का जन्म वर्ष 1994 में नवागढ़ में हुआ था। उनके माता-पिता मूल रूप से जैसलमेर (राजस्थान) के रहने वाले थे, जो बाद में छत्तीसगढ़ के बेमेतरा और फिर नवागढ़ आकर बस गए थे। बचपन के शुरुआती वर्ष एप्पी ने दुर्ग में बिताए और वहीं उनकी शुरुआती पढ़ाई हुई।

वर्ष 2002 के बाद उनका परिवार भानुप्रतापपुर (कांकेर) आकर रहने लगा, जहां उन्होंने आगे की पढ़ाई जारी रखी। आर्थिक स्थिति सामान्य नहीं होने के बावजूद एप्पी रोजाना भानुप्रतापपुर से कांकेर तक पढ़ाई के लिए आते-जाते थे।

पढ़ाई से लेकर रैप की दुनिया तक
कांकेर के एक निजी स्कूल में पढ़ाई के दौरान ही एप्पी राजा ने कक्षा 7वीं में अपना पहला रैप लिखा था। 11वीं कक्षा के दौरान उनके पिता को हार्ट अटैक आया, जिसके बाद परिवार की आर्थिक स्थिति और कमजोर हो गई।

इलाज और परिवार की जिम्मेदारियों के चलते उन्होंने पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी और गुजरात के सूरत में काम करने चले गए। इसके बाद उन्होंने भिलाई में मोबाइल रिपेयरिंग और फिर पंजाब में भी काम किया।
मेहनत ने दिलाई पहचान
पंजाब में रहते हुए उन्हें एक म्यूजिक डायरेक्टर का साथ मिला, जहां उन्होंने स्टूडियो में रहकर गानों पर काम शुरू किया। यहीं से उनके करियर को नई दिशा मिली। एप्पी राजा ने छत्तीसगढ़ी में रैप म्यूजिक की शुरुआत की और अपने गानों को यूट्यूब पर रिलीज करना शुरू किया।

उनका गाना “भोकोलोलो” यूट्यूब पर वायरल हुआ और लाखों व्यूज के साथ उन्होंने पहचान बनाई। इसके बाद वे छत्तीसगढ़ी रैप संगीत के लोकप्रिय नामों में शामिल हो गए।
संगीत जगत में शोक
एप्पी राजा के निधन से छत्तीसगढ़ी संगीत जगत में शोक की लहर है। उनके प्रशंसक और साथी कलाकार उन्हें एक संघर्षशील और प्रतिभाशाली कलाकार के रूप में याद कर रहे हैं।





































