CHHATTISGARH LIQUOR REVENUE: रायपुर। छत्तीसगढ़ में शराब का कारोबार राज्य सरकार के लिए आय का बड़ा स्रोत बनता जा रहा है। आबकारी विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान शराब बिक्री से सरकार को 10,751 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।

राजस्व में हुई इस बढ़ोतरी ने सरकारी खजाने को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यही वजह है कि आबकारी विभाग ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भी बड़े लक्ष्य निर्धारित किए हैं। विभाग को उम्मीद है कि अगले साल आबकारी राजस्व में करीब 10 प्रतिशत की अतिरिक्त वृद्धि दर्ज की जाएगी।

राज्य में शराब की बढ़ती मांग को देखते हुए बीते वर्ष 29 नई सरकारी शराब दुकानें शुरू की गईं। इसके साथ ही प्रदेश में सरकारी शराब दुकानों की कुल संख्या बढ़कर 703 हो गई है। वहीं शहरी क्षेत्रों में क्लब और बार संस्कृति का विस्तार भी लगातार जारी है। वर्तमान में राज्य में 205 क्लब और बार संचालित हो रहे हैं, जहां शराब की बिक्री और खपत होती है।

शराब की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में देसी और विदेशी मदिरा उत्पादन की मजबूत व्यवस्था भी मौजूद है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में 14 पंजीकृत डिस्टिलरी संचालित हैं, जो बड़े पैमाने पर शराब का उत्पादन कर रही हैं।

आबकारी विभाग का मानना है कि बढ़ती मांग, विस्तारित बिक्री नेटवर्क और उत्पादन क्षमता के चलते आने वाले वर्षों में भी शराब से होने वाली आय में निरंतर बढ़ोतरी जारी रहेगी। सरकार को उम्मीद है कि नए वित्तीय वर्ष में आबकारी राजस्व का आंकड़ा और अधिक ऊंचाई पर पहुंचेगा, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी।






































