NEW DELHI NEWS. अब WhatsApp पर किसी नए व्यक्ति से बातचीत शुरू करने के लिए मोबाइल नंबर साझा करना जरूरी नहीं रहेगा। Meta के स्वामित्व वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म ने नए Username फीचर की घोषणा की है। इस सुविधा के जरिए यूजर्स अपना एक यूनिक यूजरनेम बनाकर उसी के माध्यम से चैट कर सकेंगे, जबकि उनका मोबाइल नंबर निजी रहेगा। कंपनी ने 29 जून से दुनियाभर में यूजरनेम रिजर्व करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि यह सुविधा सभी यूजर्स को एक साथ नहीं मिलेगी। आने वाले महीनों में इसे चरणबद्ध तरीके से विभिन्न देशों में जारी किया जाएगा। जिस यूजर के लिए यह फीचर उपलब्ध होगा, उसे WhatsApp ऐप में नोटिफिकेशन मिलेगा।

दुनियाभर में बड़ी संख्या में लोग अपनी पसंद का यूजरनेम चुनना चाहेंगे। ऐसे में जो यूजर पहले अपना यूजरनेम सुरक्षित करेंगे, उनके मनचाहा नाम मिलने की संभावना अधिक रहेगी। WhatsApp के प्रमुख कुणाल शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि वैश्विक रोलआउट से पहले ही यूजर्स अपना पसंदीदा यूजरनेम रिजर्व कर सकते हैं। उनके मुताबिक यह फीचर लोगों को पहले से अधिक सुरक्षित और निजी तरीके से जुड़ने का विकल्प देगा।

Username फीचर लागू होने के बाद कई स्थितियों में सामने वाले व्यक्ति को आपका मोबाइल नंबर नहीं दिखाई देगा। यदि आपको किसी बड़े ग्रुप में जोड़ा जाता है, कोई व्यक्ति पहली बार आपसे संपर्क करता है या आप किसी नए व्यक्ति से पहली बार बातचीत शुरू करते हैं, तो सामने वाले को केवल आपका यूजरनेम दिखाई देगा। हालांकि WhatsApp अकाउंट बनाने और इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल नंबर पहले की तरह जरूरी रहेगा। जिन लोगों के पास पहले से आपका नंबर सेव होगा, उनके लिए कोई बदलाव नहीं होगा।

कंपनी के अनुसार यूजरनेम 3 से 35 कैरेक्टर के बीच होगा। इसमें केवल छोटे अंग्रेजी अक्षर (a-z), अंक (0-9), डॉट (.) और अंडरस्कोर (_) का इस्तेमाल किया जा सकेगा। हर यूजरनेम यूनिक होगा और जरूरत पड़ने पर यूजर उसे बदल या हटा भी सकेंगे। WhatsApp ने स्पष्ट किया है कि वह किसी तरह की सार्वजनिक यूजरनेम डायरेक्टरी तैयार नहीं करेगा। न ही किसी यूजर का यूजरनेम दूसरे लोगों को सुझाव के रूप में दिखाया जाएगा। किसी व्यक्ति से संपर्क करने के लिए उसका सही यूजरनेम पता होना जरूरी होगा।

प्राइवेसी को और मजबूत बनाने के लिए कंपनी Username Key नाम का एक अतिरिक्त सुरक्षा फीचर भी लाएगी। यह एक पिन की तरह काम करेगा। यदि कोई यूजर इसे सक्रिय करता है, तो पहली बार संदेश भेजने वाले व्यक्ति को पहले यह Key दर्ज करनी होगी। इससे स्पैम और अनचाहे संदेशों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। जरूरत पड़ने पर यूजर इस Key को बदल भी सकेंगे।

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि नए फीचर का असर मौजूदा चैट, कॉन्टैक्ट या ग्रुप पर नहीं पड़ेगा। एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन, ब्लॉक और रिपोर्ट जैसे सभी सुरक्षा फीचर पहले की तरह काम करते रहेंगे। WhatsApp का मानना है कि नया Username फीचर खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी होगा, जो नए परिचितों, नेटवर्किंग इवेंट में मिले लोगों, पड़ोसियों, क्लासमेट्स, स्कूल या स्पोर्ट्स ग्रुप के अन्य अभिभावकों से बातचीत करना चाहते हैं, लेकिन अपना मोबाइल नंबर साझा नहीं करना चाहते।




































