CHENNAI NEWS. तमिलनाडु की राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ गया है। बुधवार को मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली TVK (तमिलगा वेत्री कड़गम) सरकार ने विधानसभा में अपना पहला फ्लोर टेस्ट सफलतापूर्वक पास कर लिया। सदन में बहुमत साबित करने के लिए 118 वोटों की आवश्यकता थी, लेकिन सरकार के पक्ष में कुल 144 वोट पड़े। वहीं, मुख्य विपक्षी दल DMK ने सदन से वॉकआउट किया।

AIADMK में बड़ी सेंधमारी, 25 बागियों ने दिया साथ
फ्लोर टेस्ट के दौरान सबसे चौंकाने वाला घटनाक्रम AIADMK के खेमे में देखने को मिला। AIADMK के कुल 47 विधायकों में से 25 बागी विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर TVK सरकार के पक्ष में मतदान किया। विपक्ष में केवल 22 वोट ही पड़े। वोटिंग से पहले DMK के 59 और DMDK के 1 विधायक ने सदन से वॉकआउट कर दिया, जिससे सरकार की राह और आसान हो गई।

वोटिंग का पूरा गणित:
सदन में वोटिंग के वक्त कुल 172 विधायक मौजूद थे। सरकार को मिले 144 वोटों का विवरण इस प्रकार है:
TVK: 105 विधायक
AIADMK (बागी): 25 विधायक
कांग्रेस: 05 विधायक
CPI/CPIM: 04 विधायक (2-2 प्रत्येक)
VCK: 02 विधायक
IUML: 02 विधायक
निर्दलीय: 01 विधायक

ये विधायक प्रक्रिया से रहे बाहर
वोटिंग के दौरान PMK के 4 और BJP का 1 विधायक तटस्थ रहा और उन्होंने प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया। इसके अलावा, तिरुपत्तूर के विधायक श्रीनिवासा सेतुपति मद्रास हाईकोर्ट में मामला लंबित होने के कारण वोट नहीं डाल सके। वहीं, जे.सी.डी. प्रभाकर को स्पीकर बनाए जाने के कारण वे भी इस गणित का हिस्सा नहीं थे।

सीएम विजय ने छोड़ी पेरम्बूर सीट
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विजय ने चुनाव में त्रिची ईस्ट और पेरम्बूर, दो सीटों से जीत हासिल की थी। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद उन्होंने पेरम्बूर सीट से इस्तीफा दे दिया है, जिसके चलते अब वहां उपचुनाव कराए जाएंगे। इस जीत के साथ ही विजय सरकार ने राज्य की सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।




































