NEW DELHI NEWS. NEET-UG 2026 परीक्षा पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए मामले में 10वीं गिरफ्तारी की है। CBI ने महाराष्ट्र के लातूर से प्रसिद्ध ‘रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस’ (RCC) के डायरेक्टर शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, रविवार को तलाशी के दौरान मोटेगांवकर के मोबाइल फोन से NEET-UG का लीक पेपर बरामद हुआ है।
जांच एजेंसी का दावा है कि मोटेगांवकर एक संगठित गिरोह का हिस्सा हैं, जो न सिर्फ पेपर लीक कराने बल्कि उसे आगे फैलाने में भी शामिल थे। उन्होंने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर 23 अप्रैल को ही पेपर और उत्तर कुंजी (Answer Key) हासिल कर ली थी और कई लोगों को वितरित की थी।

100 करोड़ का टर्नओवर, लातूर के डॉक्टरों पर भी शक
CBI ने 15 मई को मोटेगांवकर के घर पर 8 घंटे तक कड़ी पूछताछ की थी। मोटेगांवकर का लातूर समेत 7 जिलों में कोचिंग सेंटर नेटवर्क है, जिसका सालाना टर्नओवर करीब ₹100 करोड़ बताया जा रहा है। रविवार को CBI ने RCC के मुख्य कार्यालय पर छापा मारकर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त किए हैं। एजेंसी को शक है कि कोचिंग सेंटर के माध्यम से कई NEET अभ्यर्थियों को लीक पेपर के सवाल उपलब्ध कराए गए थे। इसके साथ ही लातूर के कई डॉक्टरों द्वारा भी अपने बच्चों के लिए लीक पेपर खरीदे जाने की आशंका है।

NTA पेपर सेटिंग कमेटी के सदस्य ही निकले ‘मास्टरमाइंड’
CBI जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार की गई बायोलॉजी लेक्चरर मनीषा मंधारे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की पेपर सेटिंग कमेटी का हिस्सा थीं। उन्हें पहले से पता था कि परीक्षा में कौन से सवाल आने वाले हैं। मंधारे ने परीक्षा से पहले पुणे में स्पेशल कोचिंग क्लास चलाकर छात्रों को बॉटनी और जूलॉजी के हूबहू सवाल नोट करवाए थे।
वहीं, लातूर के केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी भी कई सालों तक NEET पेपर सेटिंग से जुड़े पैनल का हिस्सा रह चुके हैं। कुलकर्णी ने अप्रैल के आखिरी हफ्ते में अपने घर पर स्पेशल क्लास लेकर छात्रों को वे सवाल, ऑप्शन और जवाब रटवाए, जो बाद में मुख्य परीक्षा में आए। मंधारे और वाघमारे ने छात्रों और उनके अभिभावकों से लीक पेपर के बदले लाखों रुपये वसूले थे।


3 मई को हुई थी परीक्षा, 12 मई को हुई रद्द
गौरतलब है कि NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित की गई थी, जिसमें करीब 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। NTA के अनुसार, 7 मई की शाम को परीक्षा में गड़बड़ी की पहली सूचना मिली थी, जिसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। धांधली की पुष्टि होने के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई और री-एग्जाम (Re-exam) कराने का फैसला लिया गया।

प्रशासनिक फेरबदल: NTA में IRS अफसरों की तैनाती
लगातार हो रही किरकिरी के बीच केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। सरकार द्वारा NTA में 4 वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। IRS अधिकारी आकाश जैन और आदित्य राजेंद्र भोजगढिया को जॉइंट डायरेक्टर बनाया गया है। इसके साथ ही अनुजा बापट और रुचिता विज को NTA में जॉइंट सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है। इन सभी अधिकारियों का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तारीख से 5 साल या अगले आदेश तक रहेगा।


































