जांच एजेंसी का दावा है कि मोटेगांवकर एक संगठित गिरोह का हिस्सा हैं, जो न सिर्फ पेपर लीक कराने बल्कि उसे आगे फैलाने में भी शामिल थे। उन्होंने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर 23 अप्रैल को ही पेपर और उत्तर कुंजी (Answer Key) हासिल कर ली थी और कई लोगों को वितरित की थी। Read More





























