Lalitpur News: उत्तर प्रदेश: ललितपुर पुलिस ने फर्जी मेडिकल डिग्रियों के सहारे डॉक्टर बनकर नौकरी करने वाली 25 हजार रुपये की इनामी महिला लवीना सिंह उर्फ दीपाली गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि उसने अपनी अमेरिका में रहने वाली ननद की पहचान और डिग्रियों का इस्तेमाल कर खुद को डॉक्टर बताया और लंबे समय तक अस्पतालों में काम किया।

पुलिस के मुताबिक, लवीना सिंह तालाबपुरा, ललितपुर की निवासी है और अभिनव सिंह उर्फ राजीव गुप्ता की पत्नी है। इस मामले में उसके पति को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। उस पर अपने अमेरिका निवासी बहनोई की डिग्रियों का इस्तेमाल कर फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट बनकर इलाज करने का आरोप है।

कैसे हुआ पूरे मामले का खुलासा?
इस फर्जीवाड़े का खुलासा उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रामनरेश सोनी की शिकायत के बाद हुआ। जांच में सामने आया कि अभिनव सिंह ने अपने अमेरिका में रहने वाले डॉक्टर बहनोई डॉ. राजीव गुप्ता के नाम और डिग्रियों का इस्तेमाल कर ललितपुर मेडिकल कॉलेज में हृदय रोग विशेषज्ञ के रूप में नौकरी हासिल कर ली थी।

फर्जी दस्तावेज किए तैयार
वहीं, जांच के दौरान यह भी पता चला कि लवीना सिंह ने अपनी ननद डॉ. दीपाली गुप्ता की एमबीबीएस और एमडी डिग्रियों का दुरुपयोग कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए। पति-पत्नी ने इन कागजात के आधार पर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई अस्पतालों में डॉक्टर बनकर काम किया और मोटी कमाई की।

जेल से छूटने के बाद भी जारी रखा फर्जीवाड़ा
पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी पहले भी इस मामले में कार्रवाई झेल चुके थे, लेकिन जेल से बाहर आने के बाद भी उन्होंने फर्जी दस्तावेज तैयार कर दोबारा डॉक्टर के रूप में काम शुरू कर दिया।

गिरफ्ताफ कर भेजा जेल
फिलहाल, पुलिस ने लवीना सिंह को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।


































