RAIPUR NEWS. जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी एवं छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना की प्रदेश स्तरीय बैठक राजधानी रायपुर में संपन्न हुई, जिसमें प्रदेशभर से जिला अध्यक्ष, वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। बैठक में संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान, जनसमस्याओं और आगामी आंदोलन की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में जल, जंगल, जमीन और मूलनिवासी अधिकारों को प्रमुख मुद्दा बताते हुए हसदेव अरण्य, तमनार और रायगढ़ क्षेत्र में कथित अंधाधुंध जंगल कटाई तथा अवैध लकड़ी तस्करी पर गहरी चिंता जताई गई। संगठन ने कहा कि प्रदेश की प्राकृतिक संपदा की रक्षा के लिए गांव-गांव तक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।

किसानों के लिए संघर्ष करने वाले 8 सेनानियों का सम्मान
बैठक के दौरान बालोद जिले के उन आठ कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया, जिन्होंने किसानों के हितों की लड़ाई में जेल यात्रा की थी। संगठन ने उनके संघर्ष को किसानों की आवाज करार देते हुए सम्मानित किया। वहीं, पीपीएचटी परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने और सहयोग करने वाले साथियों की भी सराहना की गई।
खाद संकट, महंगाई और बिजली कटौती पर नाराजगी
बैठक में किसानों को खाद की कमी, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और आम जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ को गंभीर मुद्दा बताया गया। बलौदाबाजार जिले में लगातार बिजली कटौती पर भी चिंता व्यक्त की गई। संगठन ने संकेत दिए कि इन मुद्दों को लेकर जिलेवार ज्ञापन, प्रदर्शन और घेराव किए जाएंगे।

बेटियों की सुरक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी उठी आवाज
प्रदेश में नाबालिग लड़कियों की गुमशुदगी के मामलों पर चिंता जताते हुए कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए गए। साथ ही, स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने और बाहरी लोगों को वरीयता देने की कथित प्रवृत्ति का विरोध करने का संकल्प लिया गया। जिला अस्पतालों में डॉक्टरों और संसाधनों की कमी को लेकर भी सरकार का ध्यान आकर्षित करने की बात कही गई।
अवैध शराब के खिलाफ जनआंदोलन की चेतावनी
बैठक में प्रदेशभर में कथित रूप से जारी अवैध शराब बिक्री और नशे के बढ़ते प्रभाव को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की गई। संगठन ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है और युवाओं को नशे की ओर धकेला जा रहा है। इसे लेकर बड़े स्तर पर जनआंदोलन की चेतावनी दी गई।

सदस्यता अभियान की समीक्षा में संगठन ने दावा किया कि प्रदेश में उसका जनाधार बढ़ रहा है तथा बड़ी संख्या में महिलाएं भी संगठन से जुड़ रही हैं। संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जल, जंगल, जमीन, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।


































