उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को जून 2026 से बड़ा झटका लगने वाला है। यूपी पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने बिजली बिल पर लगने वाले ईंधन अधिभार (Fuel Surcharge) में औसतन 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। यह अतिरिक्त शुल्क जून महीने के नियमित बिजली बिल के साथ वसूला जाएगा। UPPCL के चीफ इंजीनियर पंकज सक्सेना ने इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं पर इसे लागू करने को कहा है।
बढ़ती उत्पादन लागत बनी वजह
बिजली विभाग का कहना है कि कोयला और अन्य ईंधन संसाधनों की कीमतों में लगातार वृद्धि के कारण बिजली उत्पादन लागत बढ़ी है। इसी आर्थिक दबाव को कम करने के लिए फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया गया है। विभाग के अनुसार यह कोई स्थायी टैक्स नहीं है, बल्कि उत्पादन लागत के आधार पर समय-समय पर इसकी समीक्षा की जाती है।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूदा बिजली दरें
प्रदेश में बिजली की दरें खपत के आधार पर तय हैं। शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 150 यूनिट तक 5.50 रुपये प्रति यूनिट, 151 से 300 यूनिट तक 6 रुपये और 300 यूनिट से अधिक खपत पर 6.50 रुपये प्रति यूनिट की दर लागू है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में पहली 100 यूनिट तक 3.35 रुपये, 101 से 150 यूनिट तक 3.85 रुपये, 151 से 300 यूनिट तक 5 रुपये और 300 यूनिट से अधिक खपत पर 5.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिल लिया जाता है।
बिजली कटौती के बीच बढ़ी चिंता
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब प्रदेश के कई जिले भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट और लंबी कटौती का सामना कर रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में रोजाना 8 से 10 घंटे तक बिजली गुल रहने की शिकायतें सामने आ रही हैं। वहीं शहरों में लो-वोल्टेज, ओवरलोडिंग और बार-बार ट्रिपिंग जैसी समस्याओं से लोग परेशान हैं। ऐसे में अतिरिक्त शुल्क का बोझ उपभोक्ताओं की चिंता और बढ़ा सकता है।
मध्यम वर्ग और छोटे कारोबारियों पर असर
गर्मी के मौसम में पंखे, कूलर और एसी के बढ़ते इस्तेमाल से बिजली की खपत पहले ही बढ़ जाती है। अब बिल में 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क जुड़ने से मध्यम वर्गीय परिवारों, छोटे दुकानदारों और लघु उद्योगों पर सीधा आर्थिक असर पड़ सकता है। उपभोक्ता संगठनों का कहना है कि नियमित और बेहतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित किए बिना अतिरिक्त शुल्क वसूलना जनता पर दोहरी मार के समान है।

महंगाई के बीच बढ़ा आर्थिक दबाव
बिजली बिल में बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब पेट्रोल और दूध जैसी जरूरी वस्तुओं के दाम भी बढ़ चुके हैं। हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश में पेट्रोल की कीमतों में करीब 3.25 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी हुई है, जबकि अमूल, मदर डेयरी और पराग जैसी कंपनियों ने दूध के दाम में 2 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा किया है। ऐसे में आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का दबाव और बढ़ने की आशंका है।



































