GARIYABAND NEWS. प्रदेश सरकार का सुशासन तिहार आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। गरियाबंद जिले के देवभोग जनपद क्षेत्र के माडागांव में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में एक आदिवासी दंपत्ति ने अपनी पीड़ा दंडवत होकर प्रशासन के सामने रखी। प्रशासन ने भी संवेदनशीलता दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर उनके घर पहुंचकर राशन कार्ड और जीरामजी योजना का जॉब कार्ड सौंप दिया।

जानकारी के अनुसार, सुकलीभाठा नवीन पंचायत के आश्रित ग्राम बरही निवासी पवन सिंह अपनी पत्नी सुकदी बाई के साथ शुक्रवार को आयोजित शिविर में पहुंचे थे। कमार जनजाति से आने वाले इस दंपत्ति ने जनपद सीईओ प्रखर चंद्राकर के सामने राशन कार्ड, आवास और रोजगार जैसी समस्याएं रखीं।

मामले को गंभीरता से लेते हुए जनपद सीईओ बी.के. भगत और कार्यक्रम अधिकारी शिव कुमार नारंगे शनिवार को स्वयं बरही गांव पहुंचे और दंपत्ति को राशन कार्ड व जॉब कार्ड उपलब्ध कराया।

बताया जा रहा है कि पवन सिंह का परिवार करीब 15 साल पहले रोजी-रोटी की तलाश में ओडिशा सीमा से लगे नवरंगपुर के जंगलों में जाकर बस गया था। हालांकि सरकार की योजनाओं और खेती में बढ़ते लाभ को देखते हुए परिवार करीब एक महीने पहले वापस अपने गांव लौट आया। गांव लौटने के बाद उन्होंने पंचायत से मदद की गुहार लगाई, लेकिन प्रक्रिया जटिल होने के कारण राहत नहीं मिल पा रही थी। इसी दौरान उन्हें सुशासन तिहार शिविर की जानकारी मिली, जहां आवेदन करने के बाद उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान हो गया।

प्रशासन ने दंपत्ति के आवास का सपना पूरा करने की दिशा में भी कदम बढ़ा दिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक पवन सिंह का नाम पीएम जनमन योजना के सर्वे में जोड़ दिया गया है और अगले दो-तीन दिनों में आवास निर्माण के लिए ढाई लाख रुपए की स्वीकृति भी मिल जाएगी। परिवार का बैंक खाता खुलवाया गया है और पंचायत को निर्देश दिए गए हैं कि उन्हें सभी शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाया जाए।

दंपत्ति की समस्याओं के त्वरित निराकरण और प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली की क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है।



































