CG News महासमुंद-धमतरी। छत्तीसगढ़ में गांजा तस्करी के खिलाफ महासमुंद और धमतरी पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और अनोखी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने कपड़ा फेरीवाले बनकर गांजा तस्करी कर रहे 12 अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिस की नजरों से बचने के लिए खुद को सड़क किनारे कपड़े बेचने वाला बताकर घूम रहे थे, लेकिन जांच के दौरान उनके शातिर तरीके का खुलासा हुआ।

दरअसल, तस्करों ने अपनी मोटरसाइकिलों की पिछली सीट पर लोहे की जाली से विशेष कम्पार्टमेंट तैयार कर रखा था, जिसके ऊपर कपड़ों का ढेर लगाया जाता था। बाहर से देखने पर वे सामान्य फेरीवाले नजर आते थे, लेकिन उन्हीं कपड़ों के नीचे भारी मात्रा में गांजा छिपाकर ओडिशा से मध्यप्रदेश ले जाया जा रहा था। पुलिस ने 11 बाइकों से कुल 378.060 किलोग्राम गांजा बरामद किया है।

रायपुर रेंज के महासमुंद, धमतरी और गरियाबंद जिले में ओडिशा सीमा से लगे अंतरराज्यीय चेकपोस्ट पर लगातार वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान पुलिस को यह बड़ी सफलता मिली। इससे पहले भी तस्कर एंबुलेंस, केला परिवहन और मूवर्स एंड पैकर्स की आड़ में गांजा तस्करी कर चुके हैं, लेकिन इस बार कपड़ा फेरीवालों का भेष अपनाकर तस्करी की जा रही थी।

महासमुंद जिले के बसना थाना क्षेत्र में पुलिस ने 5 मोटरसाइकिलों पर सवार 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर 215 किलो गांजा जब्त किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गांजा ओडिशा के बालिगुड़ा इलाके से लाया गया था। वहीं, कोमाखान थाना क्षेत्र में अलग कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों से करीब 23 किलो गांजा बरामद किया गया।

इसके अलावा धमतरी जिले में वाहन चेकिंग के दौरान 3 बाइकों पर सवार तस्करों को पकड़ा गया। यहां 131.005 किलो गांजा जब्त किया गया। इस मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
पुलिस ने इस संयुक्त कार्रवाई में कुल 378.060 किलो गांजा, 11 मोटरसाइकिलें, कई मोबाइल फोन और नकदी जब्त की है। जब्त संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 98 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह है, जो नए-नए तरीके अपनाकर अलग-अलग राज्यों में गांजा तस्करी कर रहा था।




































