BILASPUR NEWS. न्यायधानी बिलासपुर में इन दिनों शराब की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। सरकारी शराब दुकानों में स्टॉक कम होने का फायदा उठाकर कोचिये और अवैध विक्रेता खुलेआम शराब की ब्लैक मार्केटिंग कर रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि 80 रुपये में मिलने वाला देसी शराब का क्वार्टर अब 200 रुपये तक में बेचा जा रहा है। कोटा स्थित शराब दुकान के सामने अवैध बिक्री का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार ने 1 अप्रैल से शराब की पैकेजिंग पीईटी (प्लास्टिक) बोतलों में करने का निर्देश जारी किया था। अचानक पैकेजिंग सिस्टम बदलने के कारण डिस्टिलरियों में प्लास्टिक बोतलों की कमी हो गई, जिससे उत्पादन और सप्लाई प्रभावित हो रही है।
बिलासपुर जिले की 42 सरकारी शराब दुकानों में प्रतिदिन करीब 4,500 पेटी देसी और सस्ती अंग्रेजी शराब की मांग रहती है, लेकिन वर्तमान में केवल 1,000 से 1,500 पेटी ही उपलब्ध हो पा रही है। नतीजा यह है कि दुकान खुलने के कुछ ही घंटों में स्टॉक खत्म हो जाता है।

देसी शराब गायब, अंग्रेजी और बीयर की बढ़ी मांग
देसी शराब की कमी का असर अब अंग्रेजी शराब दुकानों पर भी दिखाई देने लगा है। शराब खरीदने वालों की भीड़ बढ़ने से कई जगह कीमतें बढ़ गई हैं, जबकि बीयर की मांग में करीब 50 प्रतिशत तक उछाल बताया जा रहा है।

मिलीभगत के आरोप, बोरे में भरकर बिक रही शराब
स्थानीय लोगों और शराब प्रेमियों का आरोप है कि आबकारी विभाग के कुछ कर्मचारी और अधिकारी कोचियों से मिले हुए हैं। आरोप है कि शराब दुकानों से ही स्टॉक बाहर निकालकर चखना दुकानों और अवैध ठिकानों तक पहुंचाया जा रहा है।
वायरल वीडियो में कुछ युवक बोरे में भरकर शराब बेचते दिखाई दे रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो कोटा शराब दुकान के सामने का है, जहां खुलेआम ब्लैक में शराब बेची जा रही थी।

वीडियो वायरल होते ही पुलिस की दबिश
मामला सामने आने के बाद कोटा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए झुनझुट इलाके में दबिश दी। पुलिस ने 19 वर्षीय रोहन साहू को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 16 क्वार्टर देसी प्लेन शराब जब्त की है। हालांकि मौके पर मौजूद एक अन्य युवक के पास से कुछ बरामद नहीं होने के कारण उसे छोड़ दिया गया।
फिलहाल शहर के कई अन्य इलाकों से भी इसी तरह शराब की कालाबाजारी की शिकायतें सामने आ रही हैं। प्रशासन अब पूरे मामले की जांच में जुट गया है।



































