JAGDALPUR NEWS. तेलंगाना के हैदराबाद से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे इस क्षेत्र में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है और नक्सल गतिविधियों को करारा झटका लगा है।
मिली जानकारी के अनुसार, कुल 47 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया है। आत्मसमर्पण करने वालों में कई बड़े कैडर के माओवादी भी शामिल बताए जा रहे हैं, जिन्हें लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियां तलाश रही थीं।

सरेंडर करने वाले प्रमुख नक्सलियों में बादसे सुंदरी, विमला और सवलम बिचम जैसे नाम शामिल हैं, जो संगठन में अहम भूमिका निभा रहे थे। यह घटनाक्रम सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले को लेकर तेलंगाना पुलिस आज विस्तृत खुलासा कर सकती है, जिसमें आत्मसमर्पण की परिस्थितियों और आगे की कार्रवाई की जानकारी दी जाएगी।
शीर्ष कमांडरों का आत्मसमर्पण
मिली जानकारी के अनुसार आत्मसमर्पण करने वालों में कई बड़े और प्रभावशाली नाम शामिल हैं। इनमें हेमला अइथु उर्फ विज्जा, जो DKSZC का सदस्य और दक्षिण बस्तर क्षेत्र का प्रभारी था, ने भी अपने हथियार डाल दिए। इसके अलावा पोडियम लच्छू उर्फ मनोज, जो PLGA में प्लाटून कमांडर के पद पर तैनात था, उसने भी आत्मसमर्पण किया।

इन दोनों नेताओं का संगठन में महत्वपूर्ण प्रभाव माना जाता था, इसलिए इनके सरेंडर को माओवादी संगठन के ढांचे के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

पुलिस को सौंपे गए हथियारों में 1 LMG, 4 AK-47, 3 SLR और 2 INSAS राइफल शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 12 सिंगल शॉट गन, 2 पिस्टल और 2 BGL भी जमा कराए गए हैं। साथ ही 515 जिंदा कारतूस और बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई है।
जानकारी के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले कैडर अब तक भारी हथियारों से लैस थे।






































