NEW DELHI NEWS. प्रतिबंधित नक्सली संगठन Communist Party of India (Maoist) की नॉर्थ कोऑर्डिनेशन कमेटी (NCC) ने एक प्रेस रिलीज जारी कर अपनी वैचारिक लाइन को लेकर बड़ा बयान दिया है। जारी दस्तावेज में संगठन ने तथाकथित “नव-प्रचंड मार्ग” (Neo-Prachand Path) की कड़ी आलोचना करते हुए उसे अवसरवादी और संशोधनवादी बताया है।

प्रेस नोट में कहा गया है कि राजनीतिक स्तर पर दो प्रकार की लाइनें मौजूद हैं—एक, जिसे संगठन ने मार्क्सवाद-लेनिनवाद-माओवाद पर आधारित क्रांतिकारी रास्ता बताया, और दूसरी, जिसे उसने अवसरवादी धारा करार दिया। संगठन के मुताबिक, दूसरी धारा के लोग क्रांतिकारी आंदोलन को कमजोर करने का काम कर रहे हैं।

दस्तावेज में यह भी स्पष्ट किया गया है कि भारत में क्रांति का मार्ग मुख्य रूप से सशस्त्र संघर्ष के जरिए ही आगे बढ़ेगा। “नई जनवादी क्रांति” के दौरान सशस्त्र संघर्ष को केंद्रीय भूमिका में बताया गया है और संगठनात्मक ढांचे को भी इसी आधार पर संचालित करने की बात कही गई है।

प्रेस रिलीज में कुछ व्यक्तियों और समूहों पर आरोप लगाते हुए उन्हें आंदोलन से भटका हुआ बताया गया है। संगठन का दावा है कि ऐसे लोग जनता के हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं और क्रांतिकारी दिशा को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के बयान से यह संकेत मिलता है कि नक्सली संगठन अपनी पुरानी रणनीति पर कायम है और वैचारिक मतभेदों के बीच अंदरूनी बहस भी जारी है। सुरक्षा एजेंसियों के लिए इसे सतर्कता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।






































