RAIGHAR NEWS. रायगढ़ पुलिस ने अंतरराज्यीय मानव तस्करी (Human Trafficking) करने वाले एक शातिर गिरोह को पकड़ने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपियों ने एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की को अच्छी नौकरी और पैसों का लालच देकर मध्य प्रदेश के सागर ले जाकर बेच दिया। दरिंदगी की हद तो तब हो गई जब पीड़िता को वापस लौटने पर सुरक्षा देने के बजाय फिर से देह व्यापार के दलदल में धकेल दिया गया।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, घटना 26 नवंबर 2025 की है। पीड़िता की परिचित एक नाबालिग लड़की ने उसे रायगढ़ में काम दिलाने का झांसा दिया और अन्य आरोपियों—बिंदिया रात्रे, अभय यादव, चीकू खान और पूजा उर्फ बॉबी—से मिलवाया। ये सभी आरोपी साजिश के तहत पीड़िता को मध्य प्रदेश के सागर ले गए, जहाँ सुनील दीक्षित (37) नामक व्यक्ति से 1.50 लाख रुपये में उसका सौदा कर दिया गया।

जबरन शादी और शारीरिक प्रताड़ना
पैसे लेने के बाद आरोपियों ने पीड़िता की शादी जबरन सुनील से करा दी। सुनील ने उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया। किसी तरह हिम्मत जुटाकर पीड़िता वहाँ से भाग निकली और ट्रेन के जरिए वापस रायगढ़ पहुँची। घर पर पिता की डांट के डर से वह आरोपी बिंदिया रात्रे के पास मदद मांगने गई, लेकिन आरोपी महिला ने उसे पनाह देने के नाम पर जबरन देह व्यापार कराना शुरू कर दिया।

छतरपुर और रायगढ़ से हुई गिरफ्तारियां
पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित एक्शन लिया। थाना कोतरा रोड पुलिस की टीम ने मध्य प्रदेश के छतरपुर में दबिश देकर मुख्य खरीदार सुनील दीक्षित को गिरफ्तार किया। साथ ही रायगढ़ से गिरोह के अन्य सदस्यों—बिंदिया रात्रे (23), चीकू खान (20), पूजा उर्फ बॉबी उर्फ चाची (45) और एक विधि से संघर्षरत बालक को हिरासत में लिया।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 143, 96, 98, 99, 64, 3(5) और पॉक्सो एक्ट (POCSO) की धारा 6 के तहत केस दर्ज किया है। बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।






































