JASHPUR NEWS. छत्तीसगढ़ के जशपुर जिला अस्पताल में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। अस्पताल में कार्यरत ड्रेसर किशोर कुमार चौहान का रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

जानकारी के अनुसार, 9 अप्रैल को सोशल मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित हुआ, जिसमें ड्रेसर किशोर कुमार चौहान एक सरकारी कर्मचारी से मेडिकल रिम्बर्समेंट (चिकित्सा प्रतिपूर्ति) के बिल पास कराने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था। वीडियो में आरोपी ड्रेसर 5 हजार रुपये लेते और गिनते हुए साफ नजर आ रहा है। साथ ही वह 2 हजार रुपये और देने की बात कह रहा है।

IVF बिल पास कराने के नाम पर वसूली
वीडियो में हो रही बातचीत से खुलासा हुआ है कि पीड़ित ने अपने इलाज में लगभग 45 हजार रुपये खर्च किए थे, जिसमें IVF का खर्च भी शामिल था। ड्रेसर वीडियो में यह कहते हुए सुनाई दे रहा है कि “अगर हम बिल को रायपुर भेज देते, तो वहाँ से पास नहीं होता क्योंकि IVF का पैसा नहीं मिलता है।” वह पीड़ित पर दबाव बना रहा था कि वह काम कराने के बदले उसे पैसे दे।

प्रशासनिक कार्रवाई और निलंबन
वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों ने संज्ञान लिया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. जी.एस. जात्रा ने इसे ‘अनुचित आचरण’ और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का खुला उल्लंघन माना।

सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत ड्रेसर को सस्पेंड कर दिया गया है। सस्पेंशन की अवधि के दौरान किशोर कुमार चौहान का मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पत्थलगांव निर्धारित किया गया है। CMHO ने स्पष्ट किया है कि केवल निलंबन ही काफी नहीं है, इस मामले की गहन विभागीय जांच की जाएगी और दोष सिद्ध होने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

इस कार्रवाई के बाद जिला अस्पताल सहित पूरे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि, रिश्वत देने वाला व्यक्ति अब तक सामने नहीं आया है और न ही कोई औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है, लेकिन वायरल वीडियो को ही जांच का मुख्य आधार बनाया गया है।




































