RAIPUR NEWS. सीएम विष्णु देव साय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा में पारित नहीं हो पाने को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में एक अहम कदम था, लेकिन विपक्षी दलों ने इसे पास नहीं होने दिया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन के अन्य दलों ने देश की करीब 70 करोड़ महिलाओं की उम्मीदों को ठेस पहुंचाई है।

सीएम साय ने कहा कि आने वाले समय में इसका राजनीतिक असर जरूर देखने को मिलेगा और विपक्ष को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। मुख्यमंत्री साय ने यह बयान भाजपा नेताओं के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में दिया। इस दौरान अरुण सिंह, किरण सिंहदेव, लक्ष्मी राजवाड़े, मीनल चौबे, कमलेश जांगड़े और लक्ष्मी वर्मा भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में प्राचीन काल से ही महिलाओं को सम्मान दिया जाता रहा है और उन्हें देवी स्वरूप माना जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को नेतृत्व में आगे लाने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन विपक्षी दलों—खासतौर पर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी—ने इस दिशा में बाधा उत्पन्न की।

साय ने राज्य सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए शौचालय निर्माण, उज्ज्वला योजना और “महतारी वंदन योजना” जैसे कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत लाखों महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है।

अरुण सिंह का हमला-ऐतिहासिक मौका गंवाया
अरुण सिंह ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यह दिन इतिहास में दर्ज होने वाला था, लेकिन विपक्ष ने महिलाओं के अधिकारों का समर्थन करने के बजाय इसका विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी महिलाओं के अधिकारों की बात आती है, कांग्रेस ने हमेशा पीछे हटने का काम किया है।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
भाजपा नेताओं ने विपक्षी दलों पर महिला अधिकारों की अनदेखी करने का आरोप लगाया, वहीं संकेत दिया कि आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीतिक रूप से अहम रहने वाला है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद महिला आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है।





































