KOLKATA NEWS. पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में मतदाताओं ने जबरदस्त उत्साह दिखाया। दोनों राज्यों में सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गईं, खासकर महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही। शाम 5 बजे तक पश्चिम बंगाल में करीब 89.93% और तमिलनाडु में लगभग 82.24% मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले चुनावों की तुलना में अधिक है।

पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत 152 सीटों पर मतदान हुआ, जहां कुल 1478 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला मतदाताओं ने किया। यहां सत्तारूढ़ दल टीएमसी और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। दूसरी ओर, तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में शांतिपूर्ण तरीके से मतदान संपन्न हुआ, जहां डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन और एआईएडीएमके-भाजपा गठबंधन के बीच सीधी टक्कर है।

हालांकि पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों से तनाव और झड़पों की खबरें भी सामने आईं। मुर्शिदाबाद और सिलीगुड़ी में विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच विवाद की घटनाएं हुईं। बीरभूम जिले के दुबराजपुर क्षेत्र में चुनाव ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी की घटना ने इलाके में तनाव बढ़ा दिया।

इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उच्च मतदान प्रतिशत को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “टीएमसी के भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी का सूरज डूब गया है।”

रिकॉर्ड क्यों माना जा रहा है यह मतदान?
अगर पिछले चुनावों के आंकड़ों से तुलना करें तो इस बार मतदान प्रतिशत सबसे ज्यादा रहा है:
2011: 84.72%
2016: 83.02%
2021: 82.30%

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि इस बार मतदाताओं ने पहले से ज्यादा बढ़-चढ़कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लिया है, जिससे चुनाव को ऐतिहासिक माना जा रहा है।




































