BHOPAL NEWS. लगभग ढाई दशक पुराने गृह निर्माण ऋण घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सहकारी आवास संघ मर्यादित भोपाल के तत्कालीन प्रबंधक प्रदीप कुमार निखरा को गिरफ्तार कर लिया है। वर्ष 2000 में दर्ज इस मामले में इससे पहले 18 मार्च को दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अदालत में पेशी के बाद निखरा को 7 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।

जांच में सामने आया कि आधुनिक गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित रायपुर के 186 सदस्यों के नाम पर एक-एक लाख रुपए, कुल 1 करोड़ 86 लाख रुपए का गृह निर्माण ऋण स्वीकृत कराया गया। लेकिन जब भौतिक सत्यापन किया गया तो जिन स्थानों पर मकान बनने का दावा किया गया था, वहां न तो कोई निर्माण मिला और न ही संबंधित ऋणधारी मौजूद पाए गए। इससे पूरे मामले में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा उजागर हुआ।

ACB जांच में यह स्पष्ट हुआ कि कूटरचित दस्तावेज, फर्जी प्रमाण पत्र और सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र के जरिए पूरी राशि का गबन किया गया। इस प्रकरण में ‘आधुनिक गृह निर्माण सहकारी समिति’ के तत्कालीन अध्यक्ष थावरदास माधवानी, आवास संघ रायपुर के पर्यवेक्षक बसंत कुमार साहू और भोपाल आवास संघ के तत्कालीन प्रबंधक प्रदीप निखरा की भूमिका सामने आई है।

जांच में पता चला कि वर्ष 1995 से 1998 के बीच सरकार द्वारा जरूरतमंदों को मकान निर्माण के लिए ऋण सुविधा दी जाती थी। इसी योजना का दुरुपयोग करते हुए आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर ऋण स्वीकृत कराया और राशि आपस में बांट ली।

इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 120B, 406, 409, 420, 467, 468, 471 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। ACB अब मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच कर रही है। संभावना है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।


































