DHAKA NEWS. कड़ी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और अंतरराष्ट्रीय निगरानी के बीच हुए आम चुनाव में बांग्लादेश की जनता ने बदलाव का जनादेश दिया है। शुरुआती रुझानों और घोषित नतीजों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को निर्णायक बढ़त मिली है, जिससे देश में नई सरकार बनने का रास्ता साफ होता दिख रहा है। 12 फरवरी को हुए आम चुनाव में BNP ने कुल 299 सीटों में से 165 सीटों पर जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है।

BNP अध्यक्ष तारिक रहमान का प्रधानमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। तारिक रहमान ने दो सीटों से चुनाव लड़ा था और दोनों पर जीत हासिल की है। वे पिछले साल दिसंबर में 17 साल बाद देश लौटे थे, जिसके बाद से पार्टी संगठन और चुनावी रणनीति में तेज़ी आई। बांग्लादेश में 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद पहली बार चुनाव हो रहे हैं। इसमें लंदन से आए तारिक रहमान प्रधानमंत्री बनने के और ज्यादा करीब पहुंच गए हैं।

वहीं जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन को अब तक 45 सीटें मिली हैं। जमात प्रमुख शफीकुर रहमान ने ढाका-15 सीट से जीत दर्ज की है। अन्य दलों और निर्दलीयों को 3 सीटें मिली हैं। अब तक 299 में से 213 सीटों के नतीजे घोषित किए जा चुके हैं, जबकि 206 सीटों पर परिणाम सामने आने की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। तारिक रहमान की राजनीतिक वापसी चुनावी नतीजों में निर्णायक साबित हुई।

25 जनवरी को ब्रिटेन से लौटने के कुछ ही दिनों बाद उनकी मां और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। इसके बाद पार्टी की पूरी कमान तारिक के हाथों में आ गई। उनके खिलाफ 2001–2006 के BNP शासनकाल के दौरान भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। 2007 में अंतरिम सरकार के समय उन्हें करीब 18 महीने जेल में रहना पड़ा और 2008 में इलाज के बहाने वे लंदन चले गए थे। लंबे अंतराल के बाद उनकी वापसी को समर्थकों ने नए नेतृत्व की शुरुआत के तौर पर देखा।

क्षेत्रीय मुकाबलों में भी रोचक नतीजे सामने आए। खुलना-1 सीट पर जमात के हिंदू उम्मीदवार कृष्ण नंदी को 50 हजार से अधिक वोटों से हार मिली। अनौपचारिक नतीजों में BNP उम्मीदवार आमिर एजाज खान विजयी रहे—उन्हें 1,20,092 वोट मिले, जबकि कृष्ण नंदी को 69,658 वोट प्राप्त हुए। ढाका-15 सीट पर जमात प्रमुख शफीकुर रहमान की जीत की अनौपचारिक घोषणा गुरुवार रात मतगणना के बाद की गई; औपचारिक अधिसूचना चुनाव आयोग जारी करेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक BNP की इस जीत से बांग्लादेश की घरेलू राजनीति में बड़ा मोड़ आएगा। अब सबकी निगाहें नई सरकार के गठन, मंत्रिमंडल की संरचना और आने वाले दिनों में शासन की प्राथमिकताओं पर टिकी हैं।

































