NEW DELHI NEWS. पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। इजरायल ने ईरान पर पहले से किया गया हमला (प्री-एम्प्टिव स्ट्राइक) शुरू करने की पुष्टि की है। इस घटनाक्रम के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने देशभर में विशेष और स्थायी आपातकाल लागू करने की घोषणा की है। नागरिकों से सतर्क रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। ईरान की राजधानी तेहरान के मध्य क्षेत्र में तीन जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई।

ईरानी मीडिया के अनुसार, धमाकों के तुरंत बाद सुरक्षा बलों को मौके पर तैनात कर दिया गया। फार्स न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि तेहरान के रिपब्लिक इलाके में कई मिसाइलें गिरी हैं। हालांकि, अब तक किसी बड़े नुकसान या हताहतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इजरायल के कई हिस्सों में हवाई हमले की आशंका को देखते हुए सायरन बजाए गए।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ये अलर्ट हालिया सैन्य कार्रवाई से सीधे जुड़े हैं या एहतियातन जारी किए गए। तेल अवीव और बेन गुरियन एयरपोर्ट से सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। सेना ने टेलीग्राम पर जारी बयान में नागरिकों से सुरक्षित स्थानों के पास रहने और मिसाइल हमले की आशंका के लिए तैयार रहने को कहा है। देशभर में स्कूल बंद कर दिए गए हैं, भीड़ जुटाने पर रोक लगा दी गई है और आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अन्य दफ्तरों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को तेहरान से सुरक्षित स्थान पर ले जाने की खबर है। एक ईरानी अधिकारी ने अंतरराष्ट्रीय एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि सुरक्षा कारणों से उन्हें स्थानांतरित किया गया है। ईरानी मीडिया के मुताबिक, हमले में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के इंटेलिजेंस विभाग को भी निशाना बनाया गया है।

फिलहाल ईरान की ओर से इजरायल पर किसी जवाबी मिसाइल हमले की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस घटनाक्रम पर टिकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात जल्द नियंत्रित नहीं हुए तो पश्चिम एशिया में व्यापक संघर्ष की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।




































