LUCKNOW NEWS. आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर रविवार तड़के एक बड़ा हादसा टल गया। दिल्ली से गोंडा जा रही एक डबल डेकर बस अचानक आग की चपेट में आ गई। यह घटना रेवरी टोल प्लाजा से लगभग 500 मीटर पहले हुई। बताया जा रहा है कि सुबह करीब साढ़े चार बजे बस के पिछले पहिए में अचानक धुआं उठने लगा।

चाय वालों ने ड्राइवर को किया सतर्क
उसी समय पास में मौजूद चाय वालों ने ड्राइवर को इसकी जानकारी दी। ड्राइवर ने बस को सड़क किनारे रोका और बिना देर किए उसमें सवार सभी 39 यात्रियों को नीचे उतार लिया। इसके बाद वह जलती हुई बस को रेवारी टोल प्लाजा तक ले गया। मगर, वहां पर आग बुझाने का कोई सामान मौजूद नहीं था। फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी नहीं थी। यात्रियों के सुरक्षित उतरने के बाद बस देखते-देखते आग के गोले में बदल गई।

पुलिस ने बुलाई फायर ब्रिगेड
मौके पर पहुंची काकोरी पुलिस ने तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी। लगभग 50 मिनट बाद फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां पहुंची और करीब आधे घंटे बाद आग पर काबू पाया गया। हादसे में किसी यात्री को कोई नुकसान नहीं हुआ। मगर, बस पूरी तरह जलकर राख हो गई है। इस पूरे मामले में अच्छी बात यह रही कि चाय वालों की सतर्कता से सवारियों की जान बच गई।
इसके बाद यात्रियों को दूसरी बस की व्यवस्था कर उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया। इस मामले में इंस्पेक्टर सतीश राठौर ने बताया कि प्राथमिक जांच में बस में आग लगने की वजह तकनीकी खराबी मानी जा रही है। गनीमत यह रही कि ड्राइवर की तत्परता और स्थानीय लोगों की मदद से एक बड़ा हादसा टल गया।

थोड़ी और देर होती, तो हो जाता हादसा
एहतियात के तौर पर पुलिस ने टोल प्लाजा के आसपास यातायात कुछ देर के लिए रोक दिया था। हालांकि बाद में स्थिति सामान्य कर दी गई। हादसे के बाद पुलिस और फायर विभाग ने यह भी जांच शुरू की है कि टोल प्लाजा पर फायर सेफ्टी की पर्याप्त व्यवस्था क्यों नहीं थी।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अगर बस चालक ने कुछ क्षण भी देर की होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।

मामले की विस्तृत जांच के दिए आदेश
फिलहाल, फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम ने बस को सड़क से हटवा दिया है और मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं। पुलिस का कहना है कि आग लगने की असली वजह वाहन की तकनीकी स्थिति की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।



































