BHILAI NEWS. छत्तीसगढ़ के राज्यपाल व कुलाधिपति रमेन डेका शनिवार को भिलाई स्थित रूंगटा इंटरनेशनल स्किल्स यूनिवर्सिटी में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के इंडक्शन प्रोग्राम विद्यारंभ समारोह में शामिल हुए। राज्यपाल ने युवाओं को मोटिवेट करते हुए कहा कि, मैं आपको छत्तीसगढ़ का गौरव और भारत की ताकत बनते हुए देख रहा हूं। तीन-चार साल बाद जब आप रूंगटा यूनिवर्सिटी से बाहर निकलेंगे, तो आप अपने साथ न केवल शैक्षणिक डिग्रियां लेकर जाएंगे, बल्कि उद्योग प्रमाणपत्र, व्यावहारिक अनुभव, उद्यमशीलता की मानसिकता और सबसे महत्वपूर्ण बात, किसी भी चुनौती को स्वीकार करने का आत्मविश्वास भी साथ होगा। राज्यपाल ने आगे कहा कि, मैं कुछ दिन पहले यूएसए (अमरिका) गया था। वहां मुझे छत्तीसगढ़ खासकर भिलाई के लोग मिले जो वहां बहुत अच्छा काम कर रहे हैं, आगे बढ़ रहे हैं। सोचिए आपका छत्तीसगढ़ अमरिका तक पहुंच रहा है। अपने आप को प्राउड रेसीडेंस ऑफ भिलाई और छत्तीसगढ़ मानिए।
ड्रोन टेक्नोलॉजी देश का भविष्य
इस समारोह में राज्यपाल ने रूंगटा यूनिवर्सिटी में स्थापित की गई नैसकॉम ड्रोन लैब का उद्घाटन भी किया। इसके संबंध में उन्होंने कहा कि, छत्तीसगढ़ में ड्रोन को लेकर अच्छा काम हो रहा है। बेमेतरा जिले में महिलाएं ड्रोन उड़ाकर अच्छा कमा रही हैं। वह खेतों में कीटनाशक का छिडक़ाव ड्रोन की मदद से कर रही हैं। उनको देखकर दूसरे भी प्रेरित हो रहे हैं। हमने उनका सम्मान किया है। सम्मान मिलने से आगे बढऩे की प्रेरणा मिलती है। राज्यपाल ने एक किस्सा शेयर करते हुए कहा कि, गर्वनर बनने से पहले मैं स्टेट इनोवेशन एंड ट्रांसफार्मेशन विभाग में था। यह एक नीति आयोग का अंग है। उसमें हमने एक कॉलेज को ड्रोन की ट्रेनिंग दी थी। उस वक्त ड्रोन लैब खोलने के लिए इंस्पायर किया था। तब हमारे विभाग के लोग बोला करते थे कि, यह सब क्या कर रहे हो सर…। असम में ड्रोन का क्या करेंगे। उस समय मैंने सभी को कहा था कि, यह आपको कुछ साल बताऊ्रगा। आज देखिए कैसे ड्रोन हर जगह पर है। अभी देखिए ऑपरेशन सिंदूर में ड्रोन का भी कितना अहम रोल रहा है। अभी ड्रोन टेक्नोलॉजी अपने
शुरुआती स्टेज में है। लेकिन एक दिन आएगा जब, मोबाइल और इंटरनेट की तरह ड्रोन भी सबकी पहुंच में होंगे।
किस्मत वाले हैं आज के युवा
राज्यपाल ने कहा कि, आप लोग किस्मत वाले हैं। क्योंकि आपको इंटरनेट मिला। यह २१वीं सदी का सबसे बेहतरीन आविष्कार है। पुराने समय में साइंस का सबसे बड़ा आविष्कार पहिए यानी व्हील थे। जिसने मानव जाति की सुख-सुविधाओं को आगे बढ़ाया।
ऐसे में इंटरनेट को २१वीं का व्हील समझिए जो हर चीज हर जानकारी आप तक पहुंचा रहा है। राज्यपाल ने एक किस्सा साझा करते हुए कहा कि, मैं हर दिन अपना मोबाइल फोन ११ बजे रात में बंद कर देता हूं। २००९ की बात है। जब मैं सांसद था। तब एक दिन मैं मोबाइल स्वीच ऑफ करना भूल गया। अचानक रात को नींद खुली तो यूं ही मोबाइल फोन पर नजर दौड़ाई। उसमें एक मैसेज पड़ा था। एक लडक़ा अस्पताल में था, उसने लिखा था कि, उसका दोस्त अस्पताल में भर्ती है, जिसे तुरंत चिकित्सकीय सहायता की दरकार है। मैंने उसे मैसेज भेजा, आप अपनी सभी जानकारी मुझे भेजिए, मैं अपने स्तर पर देखता हूं। मैंने उसकी मदद कर दी। जिससे उसे इस क्रिटिकल समय में मदद मिली। जब यह सबकुछ हो गया तब मैंने सोचा कि टेक्नोलॉजी कितने काम की चीज है। सोचें इस मोबाइल से किसी की जान बचा ली।
फोन पर मिली राज्यपाल बनने की सूचना
राज्यपाल ने बताया कि, गनर्वर बनने से पहले की बात है। मैं अपने घर में था। तभी एक फोन आया। सामने वाले ने मुझे, योर एक्सीलेंसी कहकर संबोधित किया। वह मेरे दोस्त थे, जिनके मुंह से यह शब्द सुनकर मेरी हंसी निकल पड़ी। मैंने कहा, इतनी रात में क्यों मजाक कर रहे हैं। इसपर उन्होंने बताया कि, आपको छत्तीसगढ़ का राज्यपाल बनाया गया है। मुझे यकीन नहीं था। थोड़ी देर बाद मेरी पुत्री का भी फोन गया। वह बोलीं, बापू आप राज्यपाल बन गए हैं। कुछ मिनट पहले तक मुझे मालूम नहीं था कि मैं राज्यपाल बनाया गया हूं, लेकिन उतने समय में ही मुझे यह जानकारी मिल गई। इससे अंदाजा लगाइए कि सूचना प्रौद्योगिकी में मोबाइल और इंटरनेट कैसे सबसे बड़ी ताकत है।
छत्तीसगढ़ में सेवाभाव सबसे अधिक
राज्यपाल ने कहा कि, आज आप सभी पढ़ाई करने आए हैं, लेकिन कुछ बनने के बाद जब आप कमाने लगें तब लोगों की सेवा कीजिएगा। शहर और राज्य की सेवा कीजिए। मैंं जब राज्यपाल बनकर आया तो बहुत से लोगों से मिला। हर जिले में गया। यहां बहुत यंग माइंड, इंटेलिजेंस मांइड्स है। यहां ब्राइट लोग है। कहीं इतना सेवाभाव नहीं है जितना छत्तीसगढ़ में है। संस्थानों में सेवा की जाती है। मेंटली रिटायर्ड लोगों को भी यहां अपना बनाकर रखा जाता है। यहां दिव्यांगों के लिए काम करते हैं। जब आप युवा कमाना शुरू करें तो इसमें आप भी अपना योगदान जरूर देना।
आप बढ़ा सकते हैं टूरिज्म
राज्यपाल ने जेन-जी युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि, आज का युवा इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप चलाता है। ऐसे में उनके पास इंटरनेट बड़ा हथियार है। आप युवाओं को छत्तीसगढ़ को देश और दुनिया तक पहुंचाना होगा। छत्तीसगढ़ में टूरिज्म के कई सारे ऐसे स्पॉट्स है, जिनके बारे में कम लोग जानते हैं। ऐसे में आप युवा उन जगह जाइए। उसे अपने कैमरे में कैद कीजिए और दुनिया को दिखाइए। आप मैनपॉट जाकर देखिए वह कैसे इतना ब्यूटीफुल स्पॉट है, उसे कवर कीजिए। ऐसे नए स्पॉट खोजिए। सबको बताइए। इससे छत्तीसगढ़ के टूरिज्म को बड़ा बूस्ट मिलेगा। राज्यपाल ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि, छत्तीसगढ़ के कई जिले इन दिनों ग्राउंड वॉटर लेवल के रेड जोन में है। छत्तीसगढ़ में बहुत बारिश होती है। इसके बावजूद ग्राउंड वॉटर की स्थिति क्रिटिकल है। इसे सुधारने के लिए हमने किसानों को अपने खेत में डबरी बनाने को कहा है। यह डबरी भूमिगत जल स्तर को बढ़ाने में मददगार साबित होगी। भले ही इसमें समय लगेगा, लेकिन एक दिन ग्राउंड वॉटर लेवल बेहतर होगा।
विद्यार्थियों को दिए लाइफ टिप्स
कार्यक्रम में सांसद विजय बघेल भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि, भिलाई शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम गढऩे जा रहा है। रूंगटा यूनिवर्सिटी में देश ही नहीं विदेश से भी बच्चे यहां पढऩे आए हैं। जिस भाव से बच्चे यहां आए है, उनकी सभी भाव की पूर्ति करने में यूनिवर्सिटी की शिक्षा पद्धति सहायक होगी। विधायक रिकेश सेन ने कहा कि यूनिवर्सिटी में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के विद्यारंभ के लिए प्रदेश के राज्यपाल स्वयं यहां पधारे है। यह युवाओं के लिए सौभाग्य की बात है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने अपने संबोधन में काक चेष्टा, बको ध्यानं, श्वान निद्रा, अल्पाहारी, गृहत्यागी उक्त पांच लक्षणों की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए उनको उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। रूंगटा यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति संतोष रूंगटा ने स्वागत उद्बोधन में यूनिवर्सिटी के शैक्षणिक गतिविधियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर चेयरमैन संजय रूंगटा, प्रो-चांसलर डॉ. सौरभ रूंगटा, सीईओ सोनल रूंगटा, कुलपति डॉ. जवाहर सूरीशेट्टी, प्रो-वीसी डॉ. मनीष मनोरिया, रजिस्ट्रार डॉ. एजाजुद्दीन व अन्य मौजूद रहे।




































