BALOD. जिले की सेवा सहकारी समितियों में हाउसिंग बोर्ड के माध्यम से खाद गोदाम का निर्माण कराया गया है। इनमें कुछ जगहों पर कराए गए निर्माण स्तरहीन होने की शिकायत मिल रही है। खाद गोदाम में लगाई गई टिन शेड कई जगहों पर छेद हो गई है। वही वायरिंग भी नहीं की गई है। दो साल बाद भी निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। जिम्मेदार अधिकारी मानिटरिंग करने के बजाय सेटिंग से काम कर रहे हैं। ठेकेदार मनमानी पूर्वक निर्माण कर रहा है। जानकारी के मुताबिक कुछ जगहों पर काम हुआ नहीं है और ठेकेदार द्वारा एनओसी की मांग की जा रही है। भालूकोन्हा में तो बोर से पंप भी निकाल लिया गया है।
बालोद जिले के 53 सेवा सहकारी समितियों में खाद गोदाम सह कार्यालय का निर्माण किया जा रहा है। इसमें कुछ हाउसिंग बोर्ड के माध्यम से तथा कुछ जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के माध्यम से कराया जा रहा है। इनमें हाउसिंग बोर्ड द्वारा कराए जा रहे निर्माण में कई जगहों पर गुणवत्ता की ओर ध्यान नहीं दिए जाने की शिकायत है। ग्राम घीना व भालूकोन्हा में निर्माण में लापरवाही की शिकायत है।ठेकेदार की गैर जिम्मेदार होने का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि भालूकोन्हा में खाद गोदाम में ऊपर लगाए गए टिन शेड में कई जगहों पर छेद हो गए हैं। जाहिर है बारिश के दिनों में टिन शेड से गोदाम के अंदर पानी टपकेगा। ज्ञात हो कि खाद गोदाम सह कार्यालय का उपयोग खाद बीज आदि के भंडारण के रूप में किया जाता है। ऐसे में पानी टपकने से खाद और बीज के भीग जाने की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा यहां बने खाद गोदाम में शौचालय में बहुत ही हल्की क्वालिटी का दरवाजा लगाया गया है।

निर्माण कार्य में लेट लतीफी
भालूकोन्हा में निर्माण कार्य में भी लेटलतीफी की जा रही है। 2 साल में अभी तक खाद गोदाम का काम पूरा नहीं हो पाया है। यहीं पर इससे बाद में शुरू किया गया किसान कुटीर बनकर तैयार हो गया है, लेकिन इसका निर्माण अभी भी पूर्ण नहीं हुआ है। यहां बोर तो कराया गया है, लेकिन बोर से पंप निकाल लिया गया है। यहां अभी तक बिजली फिटिंग भी नहीं की गई है।इसके अलावा छत से पानी निकासी के लिए भी गलत स्थान पर पाइप डाला गया है। खिड़की के ऊपर ही पाइप डालने के कारण पानी खिड़की से कार्यालय के अंदर आता है ऐसी स्थिति में बारिश होने पर खिड़की बंद करनी पड़ेगी नहीं तो पानी कार्यालय में घुसेगा।
साढ़े 25 लाख की लागत से बनाये जा रहे खाद गोदाम
सेवा सहकारी समितियों में बनाये जा रहे खाद गोदाम की लागत 25 लाख 56 हजार है। इसमें योजना के मुताबिक छह लाख 13 हजार रुपए सेवा सहकारी समिति द्वारा निर्माण कार्य मे अंशदान दिया गया है। सेवा सहकारी समितियों में इस निर्माण का ठेकेदार कौन है इसके बारे में कोई भी जानकारी नहीं मिलती। ना तो विभाग से जानकारी मिलती है और ना ही सेवा सहकारी समितियों से। बस इतना बता दिया जाता है कि कोई ठेकेदार इसका निर्माण कर रहा है और हाउसिंग बोर्ड से निर्माण हो रहा है।

नहीं होती पर्याप्त मॉनिटरिंग
गृह निर्माण मंडल सब डिवीजन बालोद का पूरा कार्य धमतरी संभाग से संचालित हो रहा है। यहां पर हाउसिंग बोर्ड द्वारा सिवनी में बनाए गए कॉलोनी में एक मकान में विभाग का कार्यालय खोला गया है, लेकिन यहां एक कर्मचारी रहता है जो कई बार सरकारी काम से कलेक्ट्रेट या इधर-उधर जाने के कारण कार्यालय में नहीं मिलते। इसके अलावा सारे अधिकारी धमतरी में बैठते हैं जो कभी-कभी ही बालोद जिले का दौरा करते हैं। यही वजह है कि लगातार मॉनिटरिंग नहीं होने के कारण गुणवत्ता पूर्ण निर्माण की सही जांच नहीं हो पाती।
निर्माण कार्य में कई तरह की शिकायत
गृह निर्माण मंडल सब डिवीजन बालोद के एसडीओ बाल किशुन साहू ने बताया कि कई सेवा सहकारी समितियों में खाद गोदाम का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण कार्य में कई तरह की शिकायत मिली है। जहां कमियां पाई गई है उसे दूर करने ठेकेदार को निर्देशित किया गया है। जब तक कार्य पूर्ण ना हो जाए। तब तक समितियों को एनओसी नहीं देना है। ईस्टीमेट में जो-जो कार्य है उसके प्रत्येक बिंदु पर जांच कर लें। सभी नियमानुसार और गुणवत्ता पूर्ण हो तभी एनओसी जारी करें। एनओसी जारी करने के बाद किसी तरह की कमियां पाए जाने पर समिति जिम्मेदार होगी।





































