NEW DELHI.
भले ही विपक्ष पीएम नरेंद्र मोदी को तमाम आरोपों के कठघरे में खड़ा करता नजर आ रहा है, लेकिन इसके साथ ही यह भी सच है कि विपक्ष के हर दांव से पीएम मोदी और बीजेपी को ताकत ही मिल रही है. कम से कम दिल्ली के एक बड़े मीडिया हाउस और सीवोटर का सर्वेक्षण तो यही बता रहा है. इस सर्वेक्षण के तहत लगभग डेढ़ लाख लोगों से मोदी सरकार के कामकाज से लेकर राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा पर रायशुमारी की गई. इस सर्वेक्षण के परिणाम चौंकाने वाले रहे. ये सर्वेक्षण निष्कर्ष इस साल के 9 विधानसभा चुनावों और अगले साल लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी के उत्साह को कई गुना बढ़ा सकते हैं, तो कांग्रेस के लिए खासे मुश्किल हालातों का संकेत दे रहे हैं. एक रोचक बात यह है कि छह मीहने वाले मोदी सरकार के कामकाज से असंतुष्ट रहने वालों की संख्या में अब तेजी से गिरावट दर्ज की गई है.

सर्वेक्षण से पता चलता है कि अगर आज लोकसभा चुनाव हो जाएं तो भारतीय जनता पार्टी को 284 सीटें मिलेंगी, जबकि कांग्रेस को 191 सीटों पर जीत हासिल हो सकती है. अगले आम चुनाव 2024 की शुरुआत में होने की उम्मीद है. ऐसे में सर्वेक्षण बता रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता न सिर्फ बरकरार है, बल्कि वे अभी भी देश में सबसे लोकप्रिय नेता बने हुए हैं. सर्वेक्षण में शामिल 72 प्रतिशत लोग मोदी सरकार के कामकाज से संतुष्ट थे. 3500 किमी लंबी भारत जोड़ो यात्रा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की लोकप्रियता में भी कुछ इजाफा किया है. 37 प्रतिशत लोगों का मानना था कि भारत जोड़ो यात्रा लहरें पैदा करने में तो सफल रही है, लेकिन कांग्रेस को केंद्रीय सत्ता में लौटने में मदद नहीं करेगी.

सर्वेक्षण से निकले कुछ मुख्य निष्कर्ष
67 प्रतिशत लोगों के मुताबिक जनवरी 2023 में मोदी का प्रदर्शन संतोषजनक था.
सर्वेक्षण में अगस्त 2022 में 37 प्रतिशत तो अब 18 प्रतिशत लोग एनडीए सरकार से असंतुष्ट.
सर्वेक्षण से पता चला कि 20 प्रतिशत लोगों का मानना था कि एनडीए सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि कोविड-19 महामारी से निपटना रहा, जबकि 14 प्रतिशत ने सोचा कि यह अनुच्छेद 370 को रद्द करना है.

सर्वे में शामिल 12 फीसदी लोगों ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण मौजूदा सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है.
25 प्रतिशत लोगों के मुताबिक एनडीए सरकार की सबसे बड़ी विफलता मूल्य वृद्धि है, जबकि 17 प्रतिशत का मानना है कि यह बेरोजगारी है.
29 प्रतिशत ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा जनसंपर्क के लिए एक महान अभ्यास है, लेकिन 13 फीसदी ने इसे राहुल गांधी के लिए एक और ‘री-ब्रांडिंग’ कवायद माना.
26 प्रतिशत लोगों का मानना था कि राहुल गांधी कांग्रेस को पुनर्जीवित करने के लिए सबसे उपयुक्त हैं, जबकि 17 प्रतिशत ने इस भूमिका के लिए सचिन पायलट का समर्थन किया.




































