RAIPUR. आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर राज्य सरकार और राजभवन के बीच खींचतान जारी है। राज्यपाल अनुसुईया उईके द्वारा बिल पर हस्ताक्षर नहीं करने और इस पर 10 बिंदुओं में जवाब मांगने के बाद राज्य सरकार ने जवाब पेश कर दिए। अब राज्यपाल ने फिर जवाब मांगा है। इन सबके बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नया बयान आया है। इसमें उन्होंने दो टूक कहा है कि विधानसभा में पारित बिल विधानसभा की संपत्ति है। इस पर राज्यपाल हस्ताक्षर करें या फिर लौटा दें।
सीएम बघेल ने आगे कहा कि विधानसभा में पारित होने के बाद बिल को राजभवन भेजा गया है। और अब यह वही अटक गया है। इसके बाद भी सवाल हमसे ही पूछे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्यपाल या तो बिल पर हस्ताक्षर कर दें या फिर विधानसभा को वापस लौटा दें। जबकि अब फिर विधानसभा सत्र आ जाएगा। यह सीधे तौर पर राज्यपाल की हठधर्मिता है। उन्होंने एक माह होने के बाद भी बिल को अटकाए रखा है।








































