RAIPUR. बदलती लाइफस्टाइल की वजह से आजकल आपने कई बार ये सुना होगा कि किसी जानने वाले को हार्ट अटैक का दौरा पड़ा है। मगर, क्या आप जानते हैं कि यह क्यों होता है? यह होता है शरीर में बैड कोल्स्ट्रॉल के बढ़ने की वजह से। कोलेस्ट्रॉल एक मोम जैसा पदार्थ है, जो रक्त में पाया जाता है। जब यह धीरे-धीरे धमनियों में जमा होने लगता है, तो दिल की नसें सही से रक्त की आपूर्ति नहीं कर पाती हैं और हार्ट अटैक का खतरा होता है।
अब दूसरा जरूरी सवाल कि यह है कि बिना डॉक्टरी जांच के कैसे पता करें कि कहीं हमारे शरीर में बी तो कोलेस्ट्रोल नहीं बढ़ रहा है। इसकी वजह से क्या दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ रहा है। तो बता दें कि कोलेस्ट्रॉल के कारण धमनियों का सुचारू रक्त प्रवाह रुकने लगता है, जिससे कई प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने लगती हैं। यहां हम आपको कुछ ऐसे लक्षण हैं, जो हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण शरीर पर देखे जाते हैं। अगर आपको भी ये समस्याएं सामने आ रही हैं, तो तुरंत ही सतर्क हो जाएं।
छाती में दर्द
दिल तक खून पहुंचाने वाली नसों में अगर कोलेस्ट्रॉल जमा हो गया है, तो सीने में दर्द की समस्या हो सकती है। इसके कारण कभी-कभी छाती पर हाथ रखने पर आपको दर्द महसूस हो सकता है या समय-समय पर तेज दर्द भी उठता है।
पैर का दर्द
हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण पैरों की धमनियों में रक्त का प्रवाह बाधित हो सकता है। इससे पैरों तक खून ठीक से नहीं पहुंच पाता है, जिससे चलने में दिक्कत होती है। पैरों में दर्द होता है और पैरों की त्वचा का रंग बदला हुआ दिख सकता है। इसके अलावा पैर ज्यादा ठंडे भी हो सकते हैं।
दिल का दर्द
छाती के किसी भी हिस्से में दर्द के अलावा दिल में दर्द भी बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल का संकेत है। अत्यधिक मात्रा में कोलेस्ट्रॉल दिल का दौरा और स्ट्रोक का कारण भी बन सकता है।
किसे ज्यादा जोखिम और कैसे बचें
हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या अक्सर उन लोगों में देखी जाती है, जिनके आहार में पोषक तत्वों की कमी होती है। इसके साथ ही ज्यादा जंक फूड खाने की वजह से भी यह बढ़ जाता है। पैकेटबंद चीजों का ज्यादा सेवन भी बैड कोलेस्ट्रॉल के जमा होने का कारण बन सकता है।
किसी भी तरह का व्यायाम न करना और मोटापा भी कोलेस्ट्रॉल का एक जोखिम कारक है। जो लोग धूम्रपान करते हैं और शराब का सेवन करते हैं उन्हें उच्च कोलेस्ट्रॉल की समस्या हो सकती है। कोलेस्ट्रॉल को आमतौर पर उचित आहार और व्यायाम की मदद से कम किया जा सकता है।






































