BHILAI. हत्या के मामले में गिरफ्तार किए गए सिमगा के आरोपी बड़े गैंग के सदस्य निकले। दुर्ग पुलिस ने इन्हें हत्या के मामले में गिरफ्तार किया है। आरोपियों का सिमगा के आसपास बड़े क्षेत्र में आतंक मचाते थे। गैंग के लोग अंचल में कई तक के अपराधों में लिप्त रहते थे।
मोटिवेशन गैंग के बदमाशों का क्षेत्र में खौफ था। यहां ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोग खासकर इनसे बेहद परेशान थी। अब दुर्ग पुलिस ने गैंग के कर्ता-धर्ताओं को हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने कहा इसके हिरासत में लिए जाने से सिमगा और आसपास क्षेत्र के लोग खुशी जाहिर कर रहे है। दुर्ग पुलिस ने बताया कि गैंग के बमाश दारू तस्करी, मारपीट, छेड़छाड़ व अन्य मामले में लिप्त रहे है। इनके ऊपर कई मामले पहले से चल रहे है।

हत्या में इस्तेमाल किए गए
हथियार
रोज खपाते है अवैध शराब
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दुर्ग पुलिस अधीक्षक डॉ.अभिषेक पल्लव ने गैंग के बदमाशों ने उनके कृत्यों के बारे में पूछा। गैंग के एक सदस्य ने बताया कि वे किराए में कार बुक कर आसपास के गांवों में शराब खपाते रहे है। बदमाश ने बताया कि एक बार में करीब चार हजार तक की शराब बेच लेते थे। बदमाश ने कहा कि महीने में चार बार ही बेच पाते थे। लेकिन एसपी डॉ.अभिषेक पल्लव ने कहा कि गैंग के बदमाश रोजाना सौ पेटी तक अवैध शराब खपाते रहे है।
जानिए गैंग का नाम मोटिवेशनल कैसे पड़ा
मोटिवेशनल गैंग का पिछले कई महीनों से आतंक है। गैंग के बदमाश सिमगा और इससे लगे 25 से अधिक गांवों में कई मामले में आरोपी रहे है। गैंग का मुख्य सरगना अमरजीत उर्फ मोंटू महेश्वरी ने कह कि गैंग का नामकरण मैंने किया था। उसने बताया कि सिर्फ दसवीं तक पढ़ा मुख्य आरोपी ने गैंग का नाम इंग्लिश में रखा। मुख्य सरगना ने कहा कि लोग मोटिवेशन से प्रेरित होते है इसलिए गैंग को यही रखा गया। उसने कहा कि गैंग को मोटिवेट करते रहना है।





































