TIRANDAJ DESK. हमारे भारतीय परंपरा में शादी का एक विशेष महत्व है। हर क्षेत्र में, समाज में शादी को लेकर अलग-अलग रस्में भी हैं। हम सबके मन में शादी शब्द सुनकर ही एक अलग सा अहसास आने लगता है। ऐसे में हमने बचपन से फिल्मों की शादियों में एक कॉमन रस्म देखा है कि सुहागरात के दिन दूल्हे को दुल्हन गिलास में दूध पिलाती है, और उस दूध को बनाने का भी एक अलग तरीका होता है। अधिकांश लोग इसे मरदाना ताक़त से जोड़ लेते हैं, पर ऐसा नहीं है इसके पीछे साइंटिफिक कारण होता है। आज हम आपको उन्हीं कारणों को बताने जा रहे हैं।
गर्म दूध से निकलते हैं दुर्लभ तत्व
केसर हल्दी मिश्रित दूध को जब उबाला जाता है, तो उसमें से एक प्रकार का दुर्लभ तत्व निकलता है, जो जोड़ों में रोमांस पैदा करता है। इसे पीने के बाद दूल्हे को दोगुना ऑर्गैज़्म (ORGASM) फील होता है। इससे सुहागरात में माहौल खुशनुमा बना रहता है।

एंटी बैक्टीरियल और इम्युनिटी बढ़ती है
इस दूध में कालीमिर्च, सौंफ और हल्दी भी मिला होता है। इसके वजह से यह
एंटी बैक्टीरियल की तरह काम करता है, और इससे इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद मिलती है।
नर्वसनेस होती है कम
इस दूध को पीने से नर्वसनेस कम होती है, तो वहीं जोश और उत्साह में बढ़ौतरी भी होती है। इससे दूल्हा और दुल्हन दोनों पॉजिटिव फील करते हैं, और उनके बीच की झिझक दूर होती है।

बनता है मूड
दूध में मिले केशर और बादाम की खुशबू से दोनों ही पार्टनर का मूड अच्छा हो जाता है। उन दोनों के मन में चल रही टेंशन इससे दूर हो जाती है, और उन्हें खुशनुमा फील होने लगता है।
बढ़ती है नजदीकियां
जब दूल्हे को दुल्हन अपने हाथों से दूध पिलाती है, तो उनके बीच का यह पल गर्माहट पैदा करता है। और उनके बीच नजदीकियां बढ़ती हैं। इससे वह दोनों आसानी से करीब आ पाते हैं।





































