RAIPUR. आईएएस समीर विश्नोई समेत दो कारोबारियों की रिमांड आज खत्म होने से पहले उनको ED की विशेष अदालत में पेश किया गया। इसके बाद विश्नोई समेत दो कारोबारियों की रिमांड छह दिन और बढ़ा दी गई। हालांकि कोर्ट ने सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। बीते 8 दिनों से आईएएस विश्नोई, लक्ष्मीकांत तिवारी, सुशील अग्रवाल ईडी की रिमांड में थे। अब इन लोगों को दिवाली जेल में ही मनानी पड़ेगी।
बता दें कि कोयला घोटाले की जांच कर रही ईडी ने आईएएस समीर विश्नोई को गिरफ्तार किया था। आज विश्नोई और कारोबारियों की ओर से जेल में घर का खाना दिए जाने की मांग अदालत ने खारिज कर दी। साथ ही पूछताछ के दौरान वकीलों की मौजूदगी को लेकर कोर्ट ने कहा कि आरोपियों से पूछताछ के कांच से घिरे रूम में होगी, जिसे उनके वकील केवल देख पाएंगे सुन नहीं सकेंगे।
छत्तीसगढ़ में कोयला परिवहन घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच प्रदेश की राजधानी रायपुर, भिलाई, महासमुंद, कोरबा, रायगढ़ से होते हुए बस्तर तक पहुंच गई है। गरियाबंद, कांकेर, नारायणपुर, सुकमा और कोंडागांव से ईडी की टीम ने जांच शुरू की है। ईडी के राडार पर आए तीन आएएस रानू साहू, समीर बिश्नोई और जेपी मौर्या के ऑफिस और घर में छापेमारी की गई थी।
बता दें कि विश्नोई के घर हुई छापेमारी में ईडी को 47 लाख रुपए कैश और दो करोड़ रुपए से अधिक के गहने बरामद हुए थे। गुरुवार को प्रदेश सरकार ने विश्नोई को चिप्स के सीईओ पद से हटा दिया था।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने IAS रानू साहू के मायके और परिजनों के फॉर्म हाउस पर भी छापेमारी की थी। यह फॉर्म हाउस करीब 60 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। ऐसा बताया जा रहा है कि यह फॉर्म हाउस IAS रानू साहू के पिता अरुण साहू, दोनों भाइयों पीयूष और पंकज साहू ने IAS रानू साहू के कलेक्टर बनने के बाद खरीदा था। जमीन से जुड़े कई इनपुट्स मिलने के आधार पर ED की टीम ने यहां दबिश दी थी।





































