तीरंदाज डेस्क। बिहार के उप मुख्यमंत्री और लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव के खिलाफ बड़ा सबूत सीबीआई के हाथ लगी है। जिसमें नौकरी के बदले जमीन घोटाले के सबूत हैं। यह घोटाला लालू यादव के रेल मंत्री रहने के समय का है। जिसमें लालू प्रसाद यादव के परिवार को कई जगह पर जमीन दी गई है।

उप मुख्यमंत्री की गिरफ़्तारी की खबर से राजनितिक गलियारों का तापमान काफी बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि रेलवे में नौकरी लगवाने के बदले जमीन लेने के मामले में तेजस्वी यादव की गिरफ़्तारी हो सकती है। सीबीआई को इस मामले में एक बड़ा सबूत मिला है। उनके हाथ एक हार्ड डिस्क लगा है,जिसमें नौकरी के बदले जमीन देने वालों की लिस्ट है।
इस लिस्ट में कूल 1458 लोगों के नाम हैं जिन्होंने रेलवे में नौकरी लगवाने के बदले लालू प्रसाद यादव के परिवार को जमीन दी है। सूत्रों के मुताबिक इस लिस्ट को लालू प्रसाद यादव और उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने तैयार किया है। जो कि बीते माह छापे के दौरान सीबीआई के हाथ लगी है।

दरअसल मामला यूपीए सरकार का है जब लालूप्रसाद यादव रेल मंत्री थे। उन पर आरोप है कि उस वक़्त रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर जमीन उनके द्वारा ली गई है। जो कि उनके परिवार वालों के नाम पर है। सूत्रों की माने तो सीबीआई को जिन 1458 लोगों की सूची मिली है उसमे से 16 लोगों के मामले पहले ही सत्यापित हो चुके है। सीबीआई ने भी जांच में इसे सत्य माना है।
डिप्टी सीएम हो सकते हैं गिरफ्तार
सूत्रों के मुताबिक सीबीआई रेलवे कर्मचारियों द्वारा की गई अनियमितता की अगले चरण में जांच करेगा। इसी कड़ी में डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव भी गिरफ्तार हो सकते हैं। क्यूंकि उनके खिलाफ सबूत काफी मजबूत हैं।






































