बिलासपुर। पुलिस व साइबर सेल की टीम ने एक ऐसे गिरोह को दबोचा है जो ऑनलाइन शॉपिंग साइट फ्लिपकार्ट के एक्सचेंज ऑफर को ठगी का जरिया बना लिया था। महंगे फोन की आईएमईआई नंबर को पुराने फोन में शिफ्ट कर एक्सचेंज के बहाने नया फोन ले लेते थे। यही नहीं यह गिरोह फर्जी नंबर व फर्जी एड्रेस के जरिए डिलीवरी बॉय को ट्रैप करता था। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से लाखों रूपए का मशरुका बरामद किया गया। पकड़े गए आरोपियों में अजय दावड़ा पिता कन्हैया लाल दावड़ा (33) सिंधी कोलानी मुंगेली, दुर्गेश कुमार वर्मा पिता राजकुमार वर्मा (31) पथरिया जिला मुंगेली, अनमोल सोनकर पिता जवाहर सोनकर (33) दाउपारा मुंगेली व प्रमोद पाण्डेकर पिता निर्मल पाण्डेकर (23) दाउपारा मुंगेली शामिल हैं।
मिली जानकारी के मुतिबक फ्लिपकार्ट की लाजिस्टिक कंपनी विली रतनपुर हब इंचार्ज रौशन खान ने बताया कि फ्लिपकार्ट में एक्सचेंज आफर चल रहा है। योजना के तहत कंपनी द्वारा ग्राहकों से ऑनलाईन मोबाइल का माडल तथा IMEI पूछकर मूल्य का निर्धारण किया जाता है जिसके एवज में नए मोबाइल फोन को कम कीमत पर ग्राहकों को दिया जाता है।
इस दौरान पता चला कि इस आफर के तहत अधिकतर मोबाइल चकरभाटा एवं पुराने बस स्टैंड बिलासपुर क्षेत्र और रायपुर भिलाई में अलग-अलग नाम पते एवं माबाइल नंबर पर डिलिवर हुए हैं। इस प्रकार लगभग 100 से अधिक मोबाइल फोन डिलीवर हुए है, तथा कंपनी को दिए गए IMEI गलत है एवं उनके माडल में भी भिन्नता है। इस तरत कंपनी के साथ लाखों रुपए की धोखाधड़ी की गई।
जांच के दौरान निरीक्षक कलीम खान के नेतृत्व में फ्लिपकार्ट से आवश्यक संपर्क स्थापित कर सर्वप्रथम इस ऑफर पर तत्काल रोक लगाते हुए संदिग्ध पतों पर आगामी डिलीवरी को होल्ड कराया जाकर अग्रिम जांच शुरू की गई। जिसके तहत आवश्यक तकनीकी साक्ष्य एकत्रित कर एक्सचेंज करने वाले लोगों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लेकर घटना के संबंध में विस्तृत पूछताछ की गई। जिससे कई चौकाने वाले तथ्य सामने आए गिरोह के मास्टर माइण्ड दुर्गेश वर्मा एवम अजय दावड़ा हें।
वारदात को अंजाम देने वाले मास्टर माइंड दुर्गेश वर्मा एवम अजय दावड़ा ने बताया कि पूर्व में इसकी मोबाइल दुकान अजय मोबाइल के नाम से मुंगेली मे था जो कि पिछले 8-10 महीने से बंद है। फ्लिपकार्ट द्वारा दिए जा रहे एक्सचेंज ऑफर की इसको जानकारी थी। जिसका फायदा उठाने के लिए यह सैमसंग के पुराने स्मार्ट फोन को रायपुर, बिलासपुर, भिलाई के दुकानों से कम दामों मे क्रय करता था तथा पुराने क्रय किए हुए मोबाइल IMEI नम्बरों को परिवर्तित कर उनको मंहगे मोबाइल के IMEI में फिक्स करके फ्लिपकार्ट को एक्सचेंज ऑफर के तहत भेजकर नए मंहगे मोबाइल मंगवाकर उन्हें बेचकर मुनाफा कमाता है।
दुर्गेश व अजय दावड़ा ने इसके लिए आईएमईआई एवं नेटवर्क परिवर्तित करने वाला साफ्टवेयर आनलाईन आर्डर के माध्यम से मंगवाया था। जिसके माध्यम से वह बिलासपुर, रायपुर, भिलाई इत्यादि शहरों से खरीदे गए कम दामों के मोबाइल को कनेक्ट कर तथा मंहगे मोबाइल का IMEI ज्ञात कर उस मोबाइल के IMEI तथा नेटवर्क को रिपेयर कर लेता था। साथ ही साथ पुराने मोबाइल के कैबिनेट इत्यादि को परिवर्तित माडल के अनुसार एनसेंबल कर फ्लिपकार्ट को मूल्य निर्धारण हेतु भेजकर नए मोबाइल आर्डर करता था।
पुराना मोबाइल जो यह 2 से 4 हजार में लेता था एसेंबल एवं IMEI परिवर्तित करने पर माडल के अनुसार इसकी मूल्य 15 से 18 हजार हो जाता है तथा नया मोबाइल जिसकी कीमत 30000 रुपए होती है उसे यह ऑफर के तहत 12000 रुपए में खरीदता ओर 27-28 हजार में बेचता था। अजय दावड़ा ने यह भी बताया कि पुराने मोबाइल के IMEI को चेंज एवं असेंबल करने के पश्चात नए मोबाइल के आर्डर एवं एक्सचेंज हेतु फ्लिपकार्ट से आनलाईन आर्डर का काम वह खुद दुर्गेश और अनमोल करते थे, डिलीवरी लेने का काम उनके अलावा प्रमोद पाण्डेकर करता था एवं प्राप्त नए मोबाइल को बेचने का कार्य दुर्गेंश वर्मा जिसकी पूजा इलेक्ट्रानिक्स नाम से सदर बाजार मेन रोड मुंगेली में है करता था और खुद भी अन्य लोगों को प्रिंट दाम से कम में बेचा करते
उक्त कार्रवाई में साइबर सेल से निरीक्षक कलीम खान, थाना सरकंडा प्रभारी निरीक्षक परिवेश तिवारी, साइबर सेल से निरीक्षक प्रदीप आर्य, उप निरीक्षक प्रभाकर तिवारी, उपनिरीक्षक मनोज नायक सागर पाठक, चौकी प्रभारी मोपका, उप निरीक्षक मनोज पटेल, प्रधान आरक्षक धर्मेंद्र शर्मा, आरक्षक नवीन एक्का, मुकेश वर्मा, विकास राम, दीपक उपाध्याय, तदबीर पोर्ते, अविनाश पांडे, धर्मेंद्र साहू, अमन शर्मा का सराहनीय योगदान रहा।




































