13 मार्च 2025 को गांव में अफवाह फैली और देखते ही देखते भीड़ ने कानून अपने हाथ में ले लिया। तिलक साहू पर ‘काला जादू’ का आरोप लगाकर पहले मारपीट शुरू हुई, फिर उनके पिता और भाई को भी घसीटकर सजा दी गई। तीनों को अर्धनग्न कर गांव में घुमाना, चेहरे पर कालिख पोतना और जूतों की माला पहनाना—यह सब उस मानसिकता को दर्शाता है, जहां अंधविश्वास इंसानियत पर भारी पड़ गया। Read More






























