नियमानुसार राइस मिलर्स को उपार्जन केंद्रों से प्राप्त धान के एवज में तैयार चावल 30 अप्रैल तक सरकारी एजेंसियों को सौंपना था। हालांकि कई मिलर्स निर्धारित लक्ष्य पूरा करने में विफल रहे। विभाग द्वारा बार-बार नोटिस जारी करने और चेतावनी देने के बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर यह कार्रवाई की गई। Read More





























