पुलिस मुख्यालय से जारी आदेश के अनुसार मामले की प्रारंभिक जांच में पाया गया कि इतने गंभीर अपराध के बावजूद थाना प्रभारी स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण करने नहीं पहुंचे। साथ ही महत्वपूर्ण साक्ष्यों के संरक्षण और संकलन में भी अपेक्षित गंभीरता नहीं बरती गई। इतना ही नहीं, बीएनएसएस की धारा 176(3) के तहत अनिवार्य ‘सीन ऑफ क्राइम यूनिट’ को भी मौके पर नहीं बुलाया गया, जिसे जांच में बड़ी चूक माना गया है। Read More






























