छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा कि मानसिक या शारीरिक स्थिति के कारण आत्मनिर्भर न हो पाने वाले बच्चे का भरण-पोषण बालिग होने के बाद भी बंद नहीं किया जा सकता। पिता को 7000 रुपये प्रतिमाह देने होंगे। Read More
सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के तिफरा निवासी महिला ने अपने और तीन वर्षीय बेटे के भरण-पोषण के लिए फैमिली कोर्ट में धारा 125 के तहत आवेदन प्रस्तुत किया था। प्रथम अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, फैमिली कोर्ट ने 29 दिसंबर 2025 को महिला और बच्चे दोनों की अर्जी खारिज कर दी थी। इसके बाद महिला और उसके बेटे की ओर से हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिवीजन याचिका दायर की गई। Read More