मत्स्य पालन विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम, 1972 की धारा 3(2) के तहत यह प्रतिबंध लागू किया गया है। इसका उद्देश्य वर्षा ऋतु के दौरान मछलियों के प्राकृतिक प्रजनन, अंडजनन और वंश वृद्धि को सुरक्षित रखना है, ताकि भविष्य में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा मिल सके और जल स्रोतों की जैव विविधता संरक्षित रहे। Read More















































