इससे पहले फैमिली कोर्ट ने माना था कि दोनों मौसी के बच्चे हैं, लेकिन पटेल समाज में 'ब्रह्म विवाह' के नाम पर ऐसी शादियां प्रचलित हैं, इसलिए उसे वैध मान लिया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस तर्क को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि सिर्फ "परंपरा" या "प्रथा" का हवाला देना काफी नहीं है। Read More





























