हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों को प्रथम दृष्टया पर्याप्त मानते हुए कहा कि आयकर विभाग द्वारा किसी राशि को कर निर्धारण के उद्देश्य से स्वीकार कर लिया जाना, उसे धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत जांच से स्वतः मुक्त नहीं करता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आयकर कानून और PMLA का उद्देश्य और कानूनी दायरा अलग-अलग है। Read More


































