घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि हमले से एक दिन पहले ही पीड़ित पक्ष की महिलाएं शिकायत लेकर थाने पहुंची थीं, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। यहां तक कि अगले दिन भी गांव में पुलिस नहीं पहुंची, और कुछ ही घंटों बाद खूनी वारदात हो गई। Read More






























