जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की एकलपीठ ने दुर्ग फैमिली कोर्ट के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें पति को पत्नी के आय संबंधी शपथ पत्र और कमाई के स्रोतों पर सवाल पूछने से रोक दिया गया था। Read More
सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के तिफरा निवासी महिला ने अपने और तीन वर्षीय बेटे के भरण-पोषण के लिए फैमिली कोर्ट में धारा 125 के तहत आवेदन प्रस्तुत किया था। प्रथम अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, फैमिली कोर्ट ने 29 दिसंबर 2025 को महिला और बच्चे दोनों की अर्जी खारिज कर दी थी। इसके बाद महिला और उसके बेटे की ओर से हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिवीजन याचिका दायर की गई। Read More
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भरण-पोषण को लेकर एक महत्वपूर्ण व्यवस्था दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जब तक ठोस सबूतों से दूसरी शादी या 'चूड़ी प्रथा' जैसे आरोप साबित नहीं हो जाते, तब तक किसी पत्नी को उसके भरण-पोषण के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने पति की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें उसने पत्नी पर दूसरी शादी का आरोप लगाकर गुजारा भत्ता देने से इनकार किया था। Read More