ठगी को अंजाम देने के लिए आरोपी ने 103 करोड़ रुपए के फर्जी डिमांड ड्राफ्ट तैयार किए। उसने पीड़ित को भरोसा दिलाया कि यह राशि चैरिटी के लिए भारत आ रही है, लेकिन इसके क्लियरेंस, टैक्स और आरबीआई की अनुमति के नाम पर विभिन्न किस्तों में पैसों की जरूरत है। अपने दोस्त पर भरोसा कर वकील ने अलग-अलग बैंक खातों में लगभग 3 करोड़ रुपए जमा कर दिए। Read More





























