INDORE NEWS. मध्य प्रदेश का गठन राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफारिशों के बाद 1 नवंबर 1956 को हुआ था। जनसंख्या, कृषि, उद्योग समेत विकास के विभिन्न मापदंडों को ध्यान में रखकर यह नया राज्य बनाया गया। तब से मध्य प्रदेश निरंतर प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। साल 2000 में छत्तीसगढ़ अलग राज्य बन गया, इसके बाद भी क्षेत्रफल के लिहाज से मध्य प्रदेश देश का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है।

इस बार मध्य प्रदेश अपनी स्थापना के 70 वर्ष पूरे कर रहा है। सात दशकों की यात्रा में प्रदेश ने विकास के हर क्षेत्र में मजबूत कदम बढ़ाए हैं। राज्य की प्रति व्यक्ति आय 261 रुपये से बढ़कर 1.52 लाख रुपये पर पहुंच गई है। वहीं, राज्य की आबादी में करीब 2.78 गुना वृद्धि हुई है।
पर्यटन के क्षेत्र में लगाई छलांग
मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर (इवेंट एंड मार्केटिंग) युवराज पडोले ने बताया कि प्रदेश में धार्मिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन पहले से ही बड़ी ताकत रहा है। अब सरकार एडवेंचर टूरिज्म को भी बढ़ावा दे रही है। वर्ष 2024 में प्रदेश में 13.41 करोड़ से अधिक पर्यटक पहुंचे।

घूमने के लिए हैं ये ऐतिहासिक जगहें
प्रदेश का इतिहास गौरवशाली रहा है। यहां की धरोहरें लोगों को सहज ही आकर्षित करती हैं। खजुराहो मंदिर अपनी अद्भुत नक्काशी के कारण यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। सांची का स्तूप बौद्ध धर्म का प्रमुख केंद्र है। ग्वालियर को “किलों का रत्न” कहा जाता है, जबकि मांडू “खुशियों का शहर” के नाम से प्रसिद्ध है। वहीं, ओरछा अपनी राजपूत वास्तुकला और बेतवा नदी के किनारे बसे सौंदर्य के लिए जानी जाती है।

टाइगर स्टेट से धार्मिक पर्यटन तक
मध्य प्रदेश अब विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में उभर रहा है। यहां पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े होटल ब्रांड्स ने निवेश किया है। आने वाले वर्षों में राज्य धार्मिक, प्राकृतिक और एडवेंचरस पर्यटन का केंद्र बनेगा। महाकाल मंदिर, उज्जैन और चित्रकूट जैसे धार्मिक स्थलों के कारण यहां देशभर से श्रद्धालु आते हैं। वहीं, 11 नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व के कारण एमपी “टाइगर स्टेट” के रूप में भी पहचाना जाता है।

यहां एडवेंचर का रोमांच भी खास
राज्य में एडवेंचर टूरिज्म तेजी से बढ़ रहा है। बेतवा नदी अब रिवर राफ्टिंग का प्रमुख केंद्र बन गई है, जबकि बरगी बांध और हनुमंतिया द्वीप पर वॉटर स्पोर्ट्स की गतिविधियां खूब लोकप्रिय हो रही हैं। यहां पर्यटक रिवर राफ्टिंग, स्पीड बोटिंग, वॉटर स्कूटरिंग, पैडल बोटिंग और सेलबोटिंग का आनंद लेते हैं। जबलपुर के भेड़ाघाट में संगमरमर की चट्टानों के बीच रोपवे और नौका विहार यात्रियों का विशेष आकर्षण हैं।

































