INDORE NEWS. इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या केस में नए खुलासे सामने आए हैं। मामले में पांच आरोपी जेल में हैं, जबकि सबूत नष्ट करने और मुख्य आरोपियों की मदद करने वाले तीन आरोपी फिलहाल जमानत पर हैं। अब शिलांग पुलिस इन तीनों के खिलाफ अदालत में पूरक चालान पेश करने की तैयारी में है।

जानकारी के अनुसार, प्रॉपर्टी ब्रोकर शिलोम जैम्स ने सोनम की पिस्तौल नाले में फेंकी थी और हत्या के दौरान इस्तेमाल हुआ बैग एक खाली प्लॉट पर जलाया था। इसके अलावा, एक गार्ड और मकान मालिक ने भी आरोपियों की सहायता की थी। पुलिस ने तीनों के खिलाफ सबूत जुटाने के लिए शिलांग में जांच की थी। जांच टीम ने जली हुई बैग की सामग्री और फेंकी गई पिस्तौल के अवशेष जब्त कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे हैं।

देशभर में हुई थी हत्याकांड की चर्चा
राजा रघुवंशी हत्याकांड देशभर में चर्चा का विषय रहा था। कोर्ट ने इस मामले में पांच आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) हत्या, 238(ए) सबूत छिपाना और 61(2) आपराधिक साजिश के तहत आरोप तय किए हैं। सभी आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया है। पूरक चालान पेश होने के बाद तीन अन्य लोगों पर भी आरोप तय किए जाएंगे।

हनीमून पर रचा था षड्यंत्र
मामले की शुरुआत 21 मई से हुई, जब राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम हनीमून के लिए शिलांग पहुंचे थे। 26 मई को दोनों लापता हो गए। 2 जून को पुलिस ने राजा का शव वी सावडॉन्ग की गहरी खाई से बरामद किया। जांच में सामने आया कि सोनम ने अपने प्रेमी राज कुशवाहा के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी।

790 पेज की चार्जशीट पेश की
दोनों ने इंदौर के तीन सुपारी किलर्स, विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद को हत्या के लिए सुपारी दी गई थी। पुलिस के अनुसार, हत्या सोनम की मौजूदगी में ही हुई थी। वारदात के एक हफ्ते के भीतर सभी पांच आरोपी पकड़े गए। 55 दिन बाद, 5 सितंबर को पुलिस ने 790 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी।

































