PENDRA. जिला विपणन कार्यालय गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में फर्जी बैंक गारंटी जमा कर धान उठाव के मामला सामने आया है। इस मामले में भारतीय स्टेट बैंक शाखा पेंड्रारोड व वर्तमान लीड बैंक प्रबंधक सिप्रियन टोप्पो सहित तीन राइस मिलरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश कलेक्टर ने जिला विपणन अधिकारी को दिया है।

दरअसल, लीड बैंक के मुख्य महाप्रबंधक ने राइस मिलरों के साथ 20 करोड़ रुपए की फर्जी बैंक गारंटी बनाई। इसी बैंक गारंटी के आधार पर राइस मिलरों ने कस्टम मिलिंग के तहत धान उठाने और एफसीआई में चावल जमा करने के लिए खाद्य विभाग से अनुबंध किया। अनुबंध के बाद फर्जी बैंक गारंटी को जिला विपणन अधिकारी के कार्यालय में जमा कर धान का उठाव भी कर लिया। कलेक्टर ने इस संबंध में जांच के निर्देश जारी किया था।

इसकी रिपोर्ट मिलने के बाद कलेक्टर ने जिला विपणन अधिकारी को पत्र लिखकर फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। जारी आदेश में कहा गया है कि फर्जी बैंक गारंटी को जारी करने में तत्कालीन मुख्य प्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक शाखा पेंड्रारोड सिप्रियन टोप्पो एवं संबंधित फर्म संचालक प्रोप्राइटर की संलिप्तता प्रतीत होती है। लिहाजा, सिप्रियन टोप्पो अग्रणी व संचालक श्याम फूड प्रोडक्ट, यश राइस मिल के संचालक गोपाल कृष्ण अग्रवाल, यश मॉर्डन फूड प्रोडक्ट के संचालक आशीष अग्रवाल और श्याम इंडस्ट्रीज के संचालक फकीरचंद अग्रवाल के विरुद्ध गौरेला थाने में एफआईआर दर्ज कराने को कहा है।






































