BALODABAZAR. शहर के एक हॉस्पिटल संचालक ने अपने ही हॉस्पिटल के डॉक्टर के साथ मिलकर यशवंत साहू और उसके भाई का अपहरण कर लिया। अपहरण में अस्पताल की एम्बुलेंस का इस्तेमाल किया गया। पुलिस ते तत्परता दिखते हुए हॉस्पिटल संचालक और डॉक्टर सहित 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला लड़का-लड़की के घर से भगाकर ले जाने जुड़ा है।
बलौदाबाजार में एक हॉस्पिटल संचालक ने हद ही कर दी। रसूख के नशे में संचालक पुलिस बन बैठा और दो सेज भाइयों का अपहरण कर लिया। बलौदाबाजार जिले की लवन चौकी के प्रभारी हितेश जंघेल के अनुसार 16 सितम्बर की रात ग्राम कारी के दो सगे भाइयों यशवंत साहू और मनोज साहू को अगवा कर लिया गया था।

इसकी रिपोर्ट युवकों की माँ ने लवन चौकी में दर्ज कराइ थी। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस एक्टिव हो गयी और प्रभारी हितेश जंघेल के नेतृत्व में लवन पुलिस ने पतासाजी शुरू की। अपहरण में जिस एम्बुलेंस का इस्तेमाल किया गया था उस एम्बुलेंस क्रमांक सीजी 22 डब्ल्यू 0531 के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंच गयी।
पुलिस ने अपहरण के आरोप में कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें एक आरोपी नारायण साहू जया हॉस्पिटल का डायरेक्टर है। जबकि कृष्णा चौधरी इसी हॉस्पिटल में डॉक्टर के रूप में कार्यरत है। इस पूरी घटना को पुलिस बनकर हॉस्पिटल संचालक नारायण साहू ने अपने साथियों की मदद से अंजाम दिया था।

नाबालिग लड़की को भगाकर ले जाने से जुड़ा है मामला
पूरा मामला नाबालिग लड़की को भगाकर ले जाने से जुड़ा हुआ है। ग्राम हसौद की लड़की किसी लड़के के साथ भाग गई थी। जो लड़का, लड़की लेकर गया था, वह यशवंत साहू का दोस्त है। लड़की के गुम हो जाने की रिपोर्ट परिवार वालों द्वारा पुलिस से नहीं की गई। जया हॉस्पिटल का डायरेक्टर ग्राम हसोड़ का ही निवासी है और लड़की के पिता का दोस्त है। वह बगैर किसी पुलिस की सहायता के खुद को एएसआई बताकर यशवंत साहू और उसके भाई मनोज साहू को मारपीट कर जबरदस्ती घर से ले गए और अगले दिन अपने साथ अलग-अलग जगहों में नाबालिक लड़की और लड़के को खोजने का प्रयास करता रहा।





































